
भारत-ईयू के बीच FTA डील फाइनल, पीएम मोदी ने बताया ‘नई समृद्धि का रोडमैप’
पीएम मोदी ने कहा, आज भारत ने अपने इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा Free Trade Agreement को पूरा किया है. उन्होंने कहा, आज 27 तारीख है और ये सुखद संयोग है कि आज ही के दिन, European Union के 27 देशों के साथ भारत ये FTA कर रहा है.
भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर समझौता हो गया है. समझौते पर हस्ताक्षर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपियन कमीशन के प्रेसीडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल प्रेसीडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा का साथ साझा प्रेस कॉंफ्रेंस को संबोधित किया. पीएम मोदी ने इस ऐतिहासिक अवसर पर कहा, आज एक और ऐतिहासिक अवसर है, जब दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियाँ अपने संबंधों में एक निर्णायक अध्याय जोड़ रही हैं. पिछले कुछ वर्षों में भारत और यूरोपीय संघ ने अपने आपसी रिश्तों में उल्लेखनीय प्रगति की है. साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक सहयोग और मजबूत जन-से-जन संपर्क के आधार पर हमारी साझेदारी नई ऊँचाइयों तक पहुँच रही है. आज हमारे बीच व्यापार 180 अरब यूरो तक पहुँच चुका है.
पीएम मोदी ने कहा, आज भारत ने अपने इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा Free Trade Agreement को पूरा किया है. उन्होंने कहा, आज 27 तारीख है और ये सुखद संयोग है कि आज ही के दिन, European Union के 27 देशों के साथ भारत ये FTA कर रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा, यह सिर्फ ट्रेड एग्रीमेंट नहीं है. यह साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है. पीएम मोदी ने कहा मल्टीलैट्रिज्म और इंटरनेशनल नॉर्म्स का सम्मान हमारी साझा प्राथमिकता है. उन्होंने कहा,
हम एकमत हैं कि आज की चुनौती का समाधान करने के लिए, वैश्विक संस्थाओं का रिफॉर्म अनिवार्य है. पीएम मोदी ने कहा, विश्व की बेहतरी के लिए भारत और यूरोपियन यूनियन का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है.
भारत-ईयू ट्रेड डील पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा, 16वें भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने ईयू काउंसिल के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष के साथ मिलकर भारत-ईयू संबंधों के हर पहलू की समीक्षा की और साझेदारी को और तेज़ करने के तरीकों पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि,
बैठक में व्यापार और आर्थिक सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु कार्रवाई, डिजिटल और नई तकनीकें (जैसे एआई), कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा, सप्लाई चेन को मजबूत करना, लोगों की आवाजाही और कौशल, शोध और इनोवेशन, सुरक्षा और वैश्विक मामलों में सहयोग पर चर्चा हुई. उन्होंने बताया, दोनों पक्षों ने “2030 की ओर: भारत-ईयू संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा” को अपनाया साथ में लोगों की आवाजाही और सहयोग को लेकर एक समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर किए और “सुरक्षा और रक्षा साझेदारी” को अंतिम रूप दिया.
उन्होंने लिखा, ये फैसले अगले 5 साल और उसके बाद भी भारत-ईयू साझेदारी के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार कर करेंगे. इससे राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी, व्यापार और निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर बनेंगे, मैन्युफैक्चरिग और सर्विसेज को बढ़ावा मिलेगा और खासकर छात्रों, कामगारों और शोधकर्ताओं की आवाजाही आसान होगी.

