
भारत में LPG संकट: युद्ध के असर से उद्योग, होटल और आम जनता प्रभावित
पश्चिम एशिया संकट से Strait of Hormuz प्रभावित,भारत में LPG की कमी गहरा गई है। उद्योग, होटल और सेवाएं प्रभावित, सरकार ने घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता दी।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत में LPG (रसोई गैस) की कमी का संकट गहराता जा रहा है। Strait of Hormuz में बाधा के कारण आयात प्रभावित हुआ है, जिससे देश की सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। भारत अपनी लगभग 60% LPG जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, ऐसे में यह संकट कई उद्योगों और सेवाओं को प्रभावित कर रहा है।
सप्लाई पर असर और सरकार के कदम
सऊदी अरब और यूएई जैसे प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं से आने वाली आपूर्ति बाधित होने के बाद सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल और औद्योगिक उपयोग के लिए LPG की सप्लाई घटा दी है। इसका मकसद रसोई गैस की तत्काल कमी को रोकना है।
कई सेक्टरों पर पड़ा असर
LPG की कमी का असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर साफ दिख रहा है। कई रेस्टोरेंट्स ने गैस बचाने के लिए अपने मेन्यू से ऐसे व्यंजन हटा दिए हैं, जिनमें ज्यादा समय और गैस लगती है। वहीं ईंट, टाइल, सिरेमिक और ग्लास उद्योगों को भी उत्पादन बनाए रखने में मुश्किलें आ रही हैं।
जरूरी सेवाएं भी प्रभावित
श्मशान, लॉन्ड्री, अस्पतालों की रसोई, बेकरी, स्ट्रीट फूड विक्रेता और सामुदायिक रसोई जैसी सेवाएं भी LPG की कमी से जूझ रही हैं। कई जगहों पर उत्पादन कम करना पड़ा है।
वैकल्पिक साधनों की ओर झुकाव
सरकार ने राज्यों को पाइप्ड गैस प्रोजेक्ट्स को तेजी से मंजूरी देने के निर्देश दिए हैं, ताकि LPG पर दबाव कम हो सके। साथ ही इंडक्शन कुकटॉप जैसे विकल्पों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
गुजरात के मोरबी में उद्योग ठप
गुजरात के मोरबी में, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सिरेमिक हब है, करीब 430 यूनिट्स ने गैस की कमी के कारण अपना उत्पादन रोक दिया है। कई फैक्ट्रियां पहले ही बंद हो चुकी हैं और बाकी भी बंद होने की कगार पर हैं।
महाराष्ट्र और केरल में होटल संकट
महाराष्ट्र और केरल में होटल और रेस्टोरेंट्स पर संकट गहराया है। कई प्रतिष्ठान बंद हो चुके हैं, जबकि बाकी सीमित समय और मेन्यू के साथ काम कर रहे हैं।केरल में होटल एसोसिएशन ने विरोध के तौर पर राज्यभर में बंद का ऐलान किया है।
दार्जिलिंग चाय उद्योग पर खतरा
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में चाय उद्योग पर भी संकट मंडरा रहा है। LPG की कमी से उत्पादन रुक सकता है, जिससे हजारों श्रमिक प्रभावित होंगे।
पंजाब और अन्य राज्यों में हालात
पंजाब में LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स ने सप्लाई कम होने और बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है। उपभोक्ताओं में घबराहट के कारण बुकिंग बढ़ गई है और लंबी कतारें लग रही हैं।
कालाबाजारी पर कार्रवाई
सरकार ने LPG की कालाबाजारी रोकने के लिए कई राज्यों में छापेमारी तेज कर दी है। हजारों सिलेंडर जब्त किए गए हैं और कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
विपक्ष का हमला
राहुल गांधी ने इस संकट को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया गया है और हालात और बिगड़ सकते हैं।
सरकार का जवाब
सरकार का कहना है कि स्थिति चिंताजनक जरूर है, लेकिन नियंत्रण में है। रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाया गया है और घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त गैस उपलब्ध कराई जा रही है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि घरेलू LPG उत्पादन में लगभग 25% की बढ़ोतरी की गई है, ताकि सप्लाई स्थिर बनी रहे।
पश्चिम एशिया के संकट का असर अब भारत की रसोई से लेकर उद्योगों तक पहुंच चुका है। सरकार राहत के प्रयास कर रही है, लेकिन अगर हालात लंबे समय तक ऐसे ही रहे, तो यह संकट और गहरा सकता है।

