
अब खाड़ी देशों के GCC साथ FTA के लिए होगा करार! बातचीत के लिए टर्म्स ऑफ रिफरेंस पर हस्ताक्षर
भारत और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बातचीत 2004 से ही अटकी हुई थी जिसपर फिर से बातचीत शुरू हो गई है.
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय ट्रेड समझौते के बाद भारत ने अब गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत आगे बढ़ाने के लिए टर्म्स ऑफ रिफरेंस पर हस्ताक्षर किया है. भारत और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बातचीत 2004 से ही अटकी हुई थी जिसपर फिर से बातचीत शुरू हो गई है.
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) में कुल छह देश शामिल हैं जिसमें सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल है. FTA पर बातचीत के लिए टर्म्स ऑफ रिफरेंस पर हस्ताक्षर होने पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, आज के दिन बेहद खास है हमनें भारत और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के टर्म्स ऑफ रिफरेंस पर हस्ताक्षर किया है. उन्होंने कहा, GCC देशों के साथ समझौता भू-राजनीतिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा, निवेश बढ़ाएगा, रोजगार के अवसर पैदा करेगा और खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती देगा. उन्होंने कहा कि भारत और GCC का साथ आना वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला कदम होगा और इससे भारत के ऊर्जा स्रोतों में विविधता भी आएगी.
पीयूष गोयल ने कहा, इससे फूड प्रोसेसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, पेट्रोकेमिकल्स और सूचना और कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी जैसे कुछ सेक्टर्स हैं जिसे भारत- गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल को एफटीए से फायदा होगा. पीयूष गोयल ने कहा, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत के आधुनिकरण करने में मदद करेगा.
भारत और GCC के इस समूह के बीच FTA वार्ता 2004 में एक फ्रेमवर्क समझौते से शुरू हुई थी. इसके बाद 2006 और 2008 में दो दौर की बातचीत हुई, लेकिन 2011 में GCC ने वैश्विक स्तर पर वार्ता रोक दी थी. नवंबर 2022 में GCC महासचिव की भारत यात्रा के बाद बातचीत दोबारा शुरू हुई और अक्टूबर 2023 में संशोधित टर्म्स ऑफ रेफरेंस साझा किए गए.वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और GCC के बीच कुल व्यापार 178.56 अरब डॉलर रहा है. इसमें भारत का निर्यात 56.87 अरब डॉलर और आयात 121.66 अरब डॉलर था. यह भारत के कुल ग्लोबल ट्रेड का करीब 15 फीसदी हिस्सा है.

