
शेयर बाजार लगातार 5वें दिन गिरकर हुआ बंद, निवेशकों को इस हफ्ते 13 लाख करोड़ का नुकसान
अगले हफ्ते से कॉरपोरेट जगत 2025-26 की तीसरी तिमाही के लिए नतीजों का एलान शुरू कर देगा. बाजार नतीजों से पहले सतर्क है. वहीं हाल के दिनों में विदेशी निवेशकों की ओर से बाजार में लगातार बिकवाली की जा रही है खासतौर से डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आने के बाद से.
साल 2026 का पहला पूरा हफ्ता भारतीय शेयर बाजार और उसके निवेशकों के लिए बेहद निराश करने वाला रहा है. इस हफ्ते लगातार पांचवें ट्रेडिंग सेशन में बाजार गिरावट के साथ क्लोज हुआ है. शुक्रवार 9 जनवरी को भी सेंसेक्स 605 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 194 अंक गिरकर बंद हुआ है. बाजार में इस गिरावट के चलते निवेशकों को इस हफ्ते करीब 13 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
BSE पर लिस्टेड स्टॉक का मार्केट कैपिटलाइजेशन गिरकर 467.78 लाख करोड़ रुपये पर क्लोज हुआ है. जबकि पिछले हफ्ते बीएसई का मार्केट कैप 481 लाख करोड़ रुपये रहा था. 9 जनवरी को एक ही सत्र में निवेशकों को 4 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है.
बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी में इस हफ्ते पांचों कारोबारी सत्र में गिरावट रही. बीते पांच सत्र के दौरान सेंसेक्स में 2,186 अंक या 2.5 फीसदी की गिरावट आ गई और ये 83,576 अंक पर आ गिरा है. निफ्टी में करीब 645 अंकों की गिरावट इस हफ्ते रही और ये 25,683 अंकों पर बंद हुआ है. मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी इस हफ्ते बड़ी गिरावट रही है.
क्यों बाजार में है गिरावट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से क्रूड ऑयल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने वाले कानून पर अपनी मुहर लगा दी है. ये माना जा रहा है कि इस कानून का असर भारत, चीन और ब्राजील पर पड़ सकता है जो सस्ते दामों पर रूस से कच्चा तेल खऱीदते आये हैं. अगले हफ्ते से कॉरपोरेट जगत 2025-26 की तीसरी तिमाही के लिए नतीजों का एलान शुरू कर देगा. बाजार नतीजों से पहले सतर्क है. वहीं हाल के दिनों में विदेशी निवेशकों की ओर से बाजार में लगातार बिकवाली की जा रही है खासतौर से डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आने के बाद से. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली के चलते भी बाजार पर दबाव बना हुआ है जिससे स्टॉक मार्केट का मूड खराब है.

