
IPO मार्केट ने बिगाड़ा निवेशकों का मूड, FY26 में आए आईपीओ में 70% इश्यू प्राइस से नीचे कर रहे कारोबार
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता, वैश्विक तनाव, विदेशी निवेशकों की बाजार में तेज बिकवाली और डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी ने निवेशकों के मूड को बिगाड़ दिया है जिससे कंपनियों के आईपीओ के प्रदर्शन पर असर पड़ा है.
वित्त वर्ष 2026-27 की शुरूआत हो चुकी है. इस वित्त वर्ष के दौरान कई दिग्गज भारतीय कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की तैयारी कर रही हैं जिसमें रिलायंस जियो (Reliance Jio) के साथ एनएसई (NSE), टॉरैंट गैस लिमिटेड (Torrent Gas IPO) और एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट (SBI Funds Management) शामिल है. लेकिन इसी के साथ अभी -अभी खत्म हुए वित्त वर्ष 2025-26 में आए आईपीओ पर भी नजर डालने की जरूरत है कि उन्होंने अपने निवेशकों को कैसा रिटर्न दिया. तो रिटर्न के लिहाज से देखें तो साल पिछले वित्त वर्ष में आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशकों को निराशा हाथ लगी है.
वित्त वर्ष 2025-26 में बाजार से पूंजी जुटाने के लिए कुल 111 कंपनियां मेनबोर्ड आईपीओ लेकर आई. और इन 111 आईपीओ में 76 ऐसे कंपनियों के आईपीओ हैं जिन्होंने अपने निवेशकों को निराश किया और इन कंपनियों के आईपीओ अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं. और केवल 35 ऐसे आईपीओ हैं जिन्होंने अपने निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया है. साल 2025 में भारतीय शेयर बाजार में जो दो दिग्गज कंपनियां टाटा कैपिटल (Tata Capital) और एचडीबी फाइनेंशियल (HDB Financial) अपना आईपीओ लेकर आईं और इन दोनों ही कंपनियों के शेयर्स अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे. टाटा कैपिटल का शेयर्स अपने इश्यू प्राइस से 6.3 फीसदी और HDB फाइनेंशियल का शेयर्स 24.32 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है.
PhysicsWallah के शेयर्स अपना इश्यू प्राइस से 19.72 फीसदी और Pine Labs का शेयर्स 29.48 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है. सबसे ज्यादा नुकसान Vikram Solar के निवेशकों को हो रहा है जिसके शेयर्स अपने आईपीओ प्राइस से करीब 47 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है. जबकि ओसवाल पंप करीब 53 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है. WeWork India का शेयर भी अपने इश्यू प्राइस से 28.19 फीसदी नीचे, JSW सीमेंट 25 फीसदी नीचे और Canara Rebecco AMC 18 फीसदी इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेज कर रहा है.
भारतीय शेयर बाजार में सितंबर 2024 के बाद से ही तेज उठापटक देखने को मिली है जिसका असर आईपीओ मार्केट के सेंटीमेंट पर पड़ा है. साथ ही 2025 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की बाजार में तेज बिकवाली और डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी ने निवेशकों के मूड को बिगाड़ दिया है जिससे कंपनियों के आईपीओ के प्रदर्शन पर असर पड़ा है.
हालांकु कुछ ऐसे आईपीओ भी है जिन्होंने शानदार प्रदर्शन दिखाया है जिसमें आदित्य इंफोटेक, एथर एनर्जी, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, बेलराइज इंडस्ट्रीज, लेंसकार्ट और भारत कोकिंग कोल का आईपीओ शामिल है जो बाजार में तेज गिरावट के बाद भी अपने इश्यू प्राइस से काफी ऊपर कारोबार कर रहे हैं. लेकिन क्या नया वित्त वर्ष निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आएगा या नहीं ये बड़ा सवाल है? लेकिन ये इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान युद्ध कितनी जल्दी खत्म होता है तो साथ में कच्चे तेल के दामों में कितनी जल्द गिरावट आती है.

