अमेरिका ईरान युद्ध के बीच बाजार में बड़ी गिरावट के संकेत
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अमेरिका ईरान युद्ध के बीच बाजार में बड़ी गिरावट के संकेत

खामेनेई की मौत के बाद ईरान-इजरायल युद्ध से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और निफ्टी-सेंसेक्स पर भारी दबाव। जानें आज की रणनीति।


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USA Iran War Impact On Stock Market : पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बाद अब वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। इस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर आज भारतीय शेयर बाजार, विशेषकर निफ्टी और सेंसेक्स की ओपनिंग पर दिखने वाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आ सकता है।

भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से आयात करता है। ऐसे में भारतीय बाजारों के लिए आज का दिन हाल के वर्षों में सबसे चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और गैप-डाउन ओपनिंग की पूरी संभावना बनी हुई है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा बिकवाली का दबाव बाजार को और नीचे धकेल सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी बड़े वित्तीय निर्णय से पहले बाजार की चाल को बारीकी से समझें।


इन सेक्टर्स पर गिरेगी गाज
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी का सबसे बुरा असर उन उद्योगों पर पड़ेगा जो तेल को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल करते हैं। आज निम्नलिखित सेक्टर्स में भारी गिरावट देखी जा सकती है:

एविएशन (विमानन): एटीएफ की कीमतें बढ़ने से इंडिगो और स्पाइसजेट जैसे शेयरों पर दबाव रहेगा।

पेंट और केमिकल: इन उद्योगों में कच्चे तेल के डेरिवेटिव्स का अधिक उपयोग होता है।

लॉजिस्टिक्स और शिपिंग: समुद्री रास्तों में तनाव से माल ढुलाई महंगी और जोखिम भरी हो जाएगी।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs): कच्चे तेल की लागत बढ़ने से इनके मार्जिन पर सीधा असर पड़ेगा।

टायर इंडस्ट्री: कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण इन शेयरों में बिकवाली दिख सकती है।

सुरक्षित निवेश के विकल्प
बाजार की इस सुनामी में कुछ चुनिंदा सेक्टर्स निवेशकों को थोड़ी राहत दे सकते हैं। डिफेंसिव स्टॉक्स के रूप में फार्मा, एफएमसीजी (FMCG) और हेल्थकेयर सेक्टर में खरीदारी देखी जा सकती है। जब भी वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने (Gold) और धातुओं (Metals) की ओर रुख करते हैं। ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल जैसे निर्यात-उन्मुख सेक्टर्स पर भी मध्यम जोखिम बना रहेगा।

होर्मुज संकट और वैश्विक अनिश्चितता
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर मिसाइल हमलों की खबरों ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। मध्य पूर्व में उड़ानों के रद्द होने और शिपिंग लाइनों के बंद होने से वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है। संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और 'रिस्क-ऑफ' सेंटीमेंट के कारण आज इंट्राडे ट्रेडर्स को सावधान रहने की जरूरत है। बाजार में अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव (Volatile Swings) आपकी पूंजी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।


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