
इंडक्शन की डिमांड में बंपर उछाल, पहले महीने में 1.8 लाख अब हर दिन एक लाख की बिक्री
ईरान-इजराइल जंग से एलपीजी सप्लाई प्रभावित हुई तो भारत में इंडक्शन स्टोव की मांग अचानक बढ़ गई। चार दिनों में 5 लाख से ज्यादा इंडक्शन बिके और कई कंपनियों का स्टॉक खत्म हो गया।
ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजराइल के जंग का असर वैश्विक स्तर पर नजर आ रहा है। दुनिया के करीब करीब सभी हिस्सों में एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ा है, भारत भी उनमें से एक है। एक तरफ एलपीजी सिलेंडर के लिए गैस एजेंसियों को गोदामों पर लंबी कतार तो दूसरी तरफ इंडक्शन की डिमांड बढ़ गई है। हालात यह है कि टॉप 100 कंपनियों से 70 का स्टॉक खत्म हो गया है। भारत में पहले जहां एक महीने में एक लाख 80 हजार इंडक्शन बिका करते थे। वहीं अब हर एक दिन एक लाख इंडक्शन बिक रहे हैं। पिछले चार दिन में पांच लाख से अधिक इंडक्शन की बिक्री हुई है।
अमेजिन शॉपिंग वेबसाइट पर एक दिन में पिजन ब्रांड 30014, प्रेस्टिज ने 29, 878, फिलिप्स के 15018, केंट के 7657, मिल्टन के 4736, ग्लेन के 4273, और कैडलेक के 4210 इंडक्शन की बिक्री हुई है। अमेजन साइट पर एक दिन में 1.34 लाख इंडक्शन की बिक्री हुई। पिछले चार दिन में अमेजन समेत दूसरी साइट्स पर पांच लाख से अधिक इंडक्शन की बिक्री हुई। वहीं देश के अलग अलग शहरों में ब्लिंकिट जैसी क्विक डिलिवरी प्लेटफॉर्म पर भी यह आउट ऑफ स्टॉक है।
सूरत में अमेजन के बिजनेस हेड का कहना है कि एलपीजी गैस की किल्लत की वजह से पिछले चार दिनों में सर्च और ऑर्डर में इजाफा हुआ है। उनका कहना है कि अगर ईरान जंग लंबा चला तो इंडक्शन की डिमांड में और इजाफा होगा और दाम में भी बढ़ोतरी होगी।

