
'आपके प्राइवेट मैसेज पढ़ रहा है वॉट्सएप'- एलन मस्क का बड़ा दावा, टेलीग्राम के CEO ने भी उठाए सवाल
याचिका में दावा किया गया है कि वॉट्सएप अपने यूजर्स के मैसेज को बीच में ही इंटरसेप्ट करता है। इसमें कहा गया है कि मेटा इन मैसेज को एक्सेंचर जैसी तीसरी पार्टियों के साथ शेयर कर रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के मालिक एलॉन मस्क और टेलीग्राम के CEO पावेल डुरोव ने व्हाट्सएप की प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मस्क ने कहा कि व्हाट्सएप पर भरोसा नहीं किया जा सकता, जबकि डुरोव ने इसे “इतिहास का सबसे बड़ा एन्क्रिप्शन फ्रॉड” बताया।
अमेरिका में केस के बाद भड़का विवाद
यह पूरा विवाद अमेरिका में व्हाट्सएप के खिलाफ दायर एक क्लास एक्शन मुकदमे के बाद सामने आया है। जनवरी 2026 में ब्रायन वाई. शीराजी और निदा सैमसन नाम के दो यूजर्स ने कैलिफोर्निया के फेडरल कोर्ट में यह याचिका दाखिल की।
मुकदमे में मेटा प्लेटफॉर्म्स और एक्सेंचर को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने ज्यूरी ट्रायल की मांग के साथ कंपनी से हर्जाने की भी अपील की है।
‘एन्क्रिप्शन’ के दावे पर सवाल
याचिका में आरोप लगाया गया है कि व्हाट्सएप यूजर्स के निजी मैसेज को बीच में ही इंटरसेप्ट करता है और उन्हें एक्सेंचर जैसी तीसरी कंपनियों के साथ साझा करता है।
यह दावा व्हाट्सएप के उस आधिकारिक स्टैंड के विपरीत है, जिसमें कहा जाता है कि प्लेटफॉर्म “एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन” पर काम करता है और मैसेज सिर्फ भेजने और पाने वाले ही पढ़ सकते हैं।
मस्क और डुरोव का हमला
एलॉन मस्क ने X पर पोस्ट कर यूजर्स से X चैट इस्तेमाल करने की अपील की और दावा किया कि वहां “असली प्राइवेसी” मिलती है।
वहीं, पावेल डुरोव ने कहा कि व्हाट्सएप अरबों यूजर्स को गुमराह कर रहा है और टेलीग्राम ने कभी ऐसा नहीं किया।
मेटा का जवाब
इन आरोपों पर मेटा के प्रवक्ता ने सभी दावों को “पूरी तरह गलत और बेतुका” बताया। कंपनी का कहना है कि व्हाट्सएप पिछले एक दशक से सिग्नल प्रोटोकॉल का उपयोग कर रहा है, जिससे मैसेज पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
मस्क vs जुकरबर्ग: पुरानी टकराहट
एलॉन मस्क और मेटा CEO मार्क जुकरबर्ग के बीच टकराव नया नहीं है। मस्क द्वारा ट्विटर (अब X) खरीदने के बाद जुकरबर्ग ने ‘थ्रेड्स’ लॉन्च कर सीधी चुनौती दी थी।
2025 में मस्क ने अपने AI चैटबॉट ‘ग्रोख’ को मेटा AI से बेहतर बताया था। वहीं, जून 2023 में मस्क ने जुकरबर्ग को “केज फाइट” की चुनौती भी दी थी, जिस पर जुकरबर्ग ने लोकेशन तक पूछ ली थी।
नॉलेज बॉक्स: क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन?
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसी सुरक्षा तकनीक है, जिसमें आपका मैसेज एक गुप्त कोड में बदल जाता है। इसे सिर्फ भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही पढ़ सकता है।
इस प्रक्रिया में इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, हैकर या यहां तक कि सर्विस देने वाली कंपनी (जैसे व्हाट्सएप या मेटा) भी आपके मैसेज, फोटो या कॉल तक पहुंच नहीं बना सकती।

