दिसंबर में SIP निवेश ऑलटाइम हाई पर, 31,000 रुपये के पार पहुंचा इनफ्लो
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दिसंबर में SIP निवेश ऑलटाइम हाई पर, 31,000 रुपये के पार पहुंचा इनफ्लो

AMFI ने दिसंबर महीने के लिए म्यूचुअल फंड निवेश का डेटा जारी किया है. इस डेटा के मुताबिक SIP के तहत AUM बढ़कर 16.63 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल एसेट्स का करीब 20.7 फीसदी है.


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म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट (SIP) प्लान दिसंबर 2025 में अपने ऑलटाइम हाई पर जा पहुंचा है. दिसंबर में एसआईपी के जरिए 31,002 करोड़ रुपये का निवेश आया है जो नवंबर महीने में 29,445 करोड़ रुपये रहा था. ये पहला मौका है जब एसआईपी इंवेस्टमेंट 30,000 करोड़ रुपये के पार ही नहीं बल्कि 31,000 करोड़ रुपये के पार चला गया है.

म्यूचुअल फंड की बॉडी AMFI ने दिसंबर महीने के लिए म्यूचुअल फंड निवेश का डेटा जारी किया है. इस डेटा के मुताबिक SIP के तहत कुल निवेश (AUM) बढ़कर 16.63 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल संपत्ति का करीब 20.7 फीसदी है. वहीं दिसंबर महीने में SIP खातों की संख्या बढ़कर 9.79 करोड़ हो गई, जो नवंबर में 9.43 करोड़ थी. इससे साफ है कि इंवेस्टर्स की भागीदारी लगातार बढ़ रही है. AMFI के मुताबिक 60.46 लाख नए SIP शुरू हुए, जबकि 51.57 लाख SIP या तो बंद हो गए या मैच्योर हो गए. नवंबर में 57.13 लाख नए SIP खुले थे और करीब 43 लाख बंद या पूरे हुए थे. इससे दिसंबर में SIP बंद होने की दर बढ़कर करीब 85 फीसदी हो गई, जो नवंबर में 75.56 फीसदी थी.

AMFI के मुताबिक दिसंबर में बंद हुए 51.57 लाख SIP में से करीब 33 लाख बंद कर दिए गए यानी निवेशकों ने बीच में ही एसआईपी क्लोज कर दिया जबकि 18.6 लाख SIP मैच्योरिटी के चलते बंद हुए. SIP स्टॉपेज रेट करीब 55 फीसदी रहा है.

इक्विटी म्यूचुअल फंड में दिसंबर में निवेश में कमी आई है. मामूली गिरावट के साथ ये 28,054 करोड़ रुपये रहा है, जो नवंबर में 29,911 करोड़ रुपये रहा था. ये माना जा रहा है कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक हालात के चलते ये हुआ है. दिसंबर के आखिर तक म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की AUM 80.23 लाख करोड़ रुपये रही, जो नवंबर में 80.7 लाख करोड़ रुपये थी.

OmniScience Capital के सीईओ और चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट विकास गुप्ता ने कहा कि निवेशक अभी भी भारत की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की लंबी अवधि की संभावनाओं पर भरोसा जता रहे हैं. हालांकि, पिछले एक साल में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और सोना-चांदी में तेज रिटर्न के कारण मल्टी-एसेट फंड्स में ज्यादा निवेश देखने को मिला है. हालांकि विकास गुप्ता ने सोना और चांदी में निवेश को लेकर निवेशकों को थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी है.

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