नयारा एनर्जी ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें अब क्या होगी नई कीमत
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नयारा एनर्जी ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें अब क्या होगी नई कीमत

मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते ग्लोबल ऑयल मार्केट में उबाल है। इसके बाद प्राइवेट फ्यूल रिटेलर नयारा एनर्जी ने पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया।


Nayara Energy Petrol Price Rise : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध का असर अब भारत के आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन रिटेलर 'नयारा एनर्जी' ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए 50 फीसदी के उछाल के बाद यह कदम उठाया गया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद वैश्विक तेल बाजार में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। नयारा एनर्जी के इस फैसले से देशभर के हजारों उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा।


मिडिल ईस्ट युद्ध का सीधा असर:
28 फरवरी से शुरू हुए सैन्य हमलों ने वैश्विक तेल आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई थीं। हालांकि बाद में कीमतें गिरकर 100 डॉलर के आसपास आईं। भारत अपनी जरूरत का 88 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। इसका बड़ा हिस्सा स्ट्रैट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते आता है। ईरान की धमकियों और युद्ध की स्थिति ने इस रास्ते से होने वाले व्यापार को जोखिम में डाल दिया है। इसी इनपुट कॉस्ट के बढ़ने के कारण नयारा ने कीमतों को बढ़ाने का फैसला लिया है।

प्राइवेट और सरकारी कंपनियों में अंतर:
नयारा एनर्जी भारत में 6,967 पेट्रोल पंपों का संचालन करती है। कंपनी में रूस की दिग्गज तेल कंपनी रोसनेफ्ट (Rosneft) की बड़ी हिस्सेदारी है। सूत्रों के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियां अभी भी कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं। इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी कंपनियां बाजार के 90 फीसदी हिस्से पर नियंत्रण रखती हैं। सरकारी कंपनियों को सरकार की ओर से घाटे की भरपाई के लिए मदद मिलती है। लेकिन निजी कंपनियों को ऐसा कोई सरकारी सहयोग नहीं दिया जाता है। भारी घाटे के कारण नयारा एनर्जी के पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था।

राज्यों में अलग-अलग होगी नई दरें:
नयारा द्वारा बढ़ाई गई दरें हर राज्य में अलग-अलग हो सकती हैं। इसका कारण स्थानीय वैट (VAT) और अन्य टैक्सों का अंतर है। कुछ राज्यों में पेट्रोल की कीमतों में 5.30 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। रिलायंस और बीपी की संयुक्त कंपनी जियो-बीपी (Jio-bp) ने फिलहाल कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। जियो-बीपी के पास देश में 2,185 आउटलेट्स हैं। हालांकि कंपनी को वर्तमान कीमतों पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम नहीं हुईं तो अन्य निजी कंपनियां भी जल्द ही दाम बढ़ा सकती हैं।

प्रीमियम ईंधन और औद्योगिक डीजल पहले ही महंगा:
पिछले हफ्ते सरकारी तेल कंपनियों ने भी कुछ बदलाव किए थे। उन्होंने प्रीमियम या हाई-ग्रेड पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था। इसके अलावा औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को बेचे जाने वाले थोक डीजल की दरें 22 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई थीं। दिल्ली में 95-ऑक्टेन वाले प्रीमियम पेट्रोल की कीमत अब 101.89 रुपये हो गई है। सामान्य पेट्रोल और डीजल की दरें सरकारी पंपों पर फिलहाल 94.77 और 87.67 रुपये पर बनी हुई हैं। तेल कंपनियां कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर अपने मार्जिन को संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं।

(हेडलाइन को छोड़कर, इस स्टोरी को द फेडरल स्टाफ ने एडिट नहीं किया है और यह सिंडिकेटेड फ़ीड से ऑटो-पब्लिश की गई है।)

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