निर्मला सीतारमण का एलान: नहीं होगा पूरा कृषि कर्ज माफ, सैनिकों का टैक्स बचेगा
x

निर्मला सीतारमण का एलान: नहीं होगा पूरा कृषि कर्ज माफ, सैनिकों का टैक्स बचेगा

निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में साफ किया कि पूर्ण किसान कर्जमाफी का कोई प्रस्ताव नहीं है। वहीं, सशस्त्र बलों की डिसेबिलिटी पेंशन पर टैक्स छूट जारी रहेगी।


Click the Play button to hear this message in audio format

No Complete Farm Loan Waiver : लोकसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार (23 मार्च) को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो बेहद संवेदनशील मुद्दों पर सरकार की स्थिति स्पष्ट की। वित्त मंत्री ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि केंद्र सरकार के पास वर्तमान में किसानों के लिए 'पूर्ण ऋण माफी' का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने उन तमाम अटकलों को खारिज कर दिया जिनमें एक नए बड़े कर्ज राहत पैकेज की उम्मीद जताई जा रही थी। इसके साथ ही, सशस्त्र बलों के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर देते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि 'विकलांगता पेंशन' पर मिलने वाली आयकर छूट को वापस नहीं लिया गया है। 'आयकर अधिनियम 2025' के लागू होने के बावजूद, सरकार ने इस लाभ को जारी रखने के लिए विशेष कानूनी प्रावधान किए हैं।


किसानों के लिए क्या है सरकार का 'सपोर्ट सिस्टम'?
एकमुश्त कर्जमाफी की मांग को दरकिनार करते हुए, सीतारमण ने उन वैकल्पिक उपायों का विवरण दिया जो किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वित्तीय सुरक्षा देने के लिए चलाए जा रहे हैं:

बिना गारंटी लोन की सीमा में बढ़ोत्तरी: सूक्ष्म और सीमांत किसानों के लिए बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे मिलने वाले अल्पकालिक कृषि ऋण की सीमा 1.60 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है।

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): केसीसी योजना के तहत 3 लाख रुपये तक के फसली ऋण पर ब्याज सहायता दी जा रही है। समय पर पैसा लौटाने वाले किसानों को 3% की अतिरिक्त छूट भी मिलती है।

PM-KISAN और फसल बीमा: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिए सीधे नकद हस्तांतरण और फसल बीमा योजनाओं के माध्यम से जोखिम कम करने की कोशिश जारी है।

प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (PSL): आरबीआई के कड़े नियमों के तहत बैंकों को अपनी कुल उधारी का एक निश्चित हिस्सा अनिवार्य रूप से कृषि क्षेत्र को देना होता है।

सैनिकों की डिसेबिलिटी पेंशन पर 'टैक्स फ्री' राहत बरकरार
नए टैक्स ढांचे के तहत सैनिकों के बीच इस बात को लेकर भ्रम था कि क्या उनकी विकलांगता पेंशन अब टैक्स के दायरे में आएगी। इस पर वित्त मंत्री ने तकनीकी सफाई दी:

कानूनी तकनीकी अड़चन: 1922 के पुराने आयकर अधिनियम के प्रावधान नए Income-tax Act 2025 के लागू होने से निष्प्रभावी हो गए थे।

नया संशोधन: वित्त मंत्री ने बताया कि फाइनेंस बिल 2026 में विशेष रूप से एक प्रावधान जोड़ा जा रहा है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि सैन्य सेवा के दौरान विकलांगता के कारण बाहर हुए कर्मियों को मिलने वाली पेंशन पूरी तरह टैक्स फ्री रहे।

लाभार्थी: 31 जनवरी 2026 तक, लगभग 89,598 सैन्य कर्मी सेवा से बाहर होने के बाद विकलांगता पेंशन ले रहे हैं, जबकि कुल प्रभावित सेवानिवृत्त कर्मियों की संख्या 1,47,263 है।

मेडिकल बोर्ड और इनवैलिडेशन प्रक्रिया
वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि फिटनेस मूल्यांकन सालाना आधार पर किया जाता है। यदि कोई जवान स्थाई रूप से अनफिट पाया जाता है, तो एक 'इनवैलिड मेडिकल बोर्ड' (IMB) उनके हानि के स्तर का आकलन करता है। बोर्ड की सिफारिशों के बाद ही सर्विस हेडक्वार्टर पेंशन और टैक्स छूट की पात्रता पर अंतिम निर्णय लेता है।


Read More
Next Story