
रेमंड के संस्थापक विजयपत सिंघानिया का मुंबई में 87 वर्ष की आयु में निधन
पद्म भूषण से सम्मानित दिग्गज कारोबारी विजयपत सिंघानिया का शनिवार देर रात निधन हो गया। वे अपने पीछे 12 हजार करोड़ की संपत्ति छोड़ गए हैं।
Vijaypat Singhania Demise : भारत के दिग्गज कारोबारी और रेमंड ग्रुप के संस्थापक डॉ. विजयपत कैलाशपत सिंघानिया का शनिवार देर रात मुंबई में निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे। उनके निधन की आधिकारिक जानकारी उनके बेटे और रेमंड के मौजूदा चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के जरिए साझा की। गौतम सिंघानिया ने भारी मन से अपने पिता के निधन की सूचना देते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पद्म भूषण से सम्मानित विजयपत सिंघानिया न केवल एक सफल उद्योगपति थे, बल्कि एविएशन और एडवेंचर के क्षेत्र में भी उनका बड़ा नाम था। उनके निधन की खबर से कॉर्पोरेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। रविवार को मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
RIP. Om Shanti 🙏 pic.twitter.com/nGtOGAEtHt
— Gautam Singhania (@SinghaniaGautam) March 28, 2026
गौतम सिंघानिया ने साझा किया भावुक संदेश
रेमंड के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने अपने पिता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि डॉ. विजयपत कैलाशपत सिंघानिया के निधन की सूचना देना हमारे लिए अत्यंत दुखद है। रेमंड ग्रुप के प्रवक्ता के अनुसार, परिवार और दोस्तों को रविवार दोपहर 1:30 बजे उनके निवास स्थान हवेली, एल. डी. रूपारेल मार्ग पर एकत्रित होने का अनुरोध किया गया है, जिसके बाद अंतिम विदाई दी जाएगी।
अपने पीछे छोड़ गए करोड़ों का साम्राज्य
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विजयपत सिंघानिया अपने पीछे करीब 12,000 करोड़ रुपये की विशाल संपत्ति छोड़ गए हैं। गौरतलब है कि साल 2015 में उन्होंने अपनी कंपनी की लगभग 37 फीसदी हिस्सेदारी अपने बेटे गौतम सिंघानिया को सौंप दी थी। वर्तमान में गौतम सिंघानिया ही पूरे रेमंड ग्रुप की कमान संभाल रहे हैं। विजयपत सिंघानिया का कार्यकाल रेमंड के लिए स्वर्ण युग माना जाता है।
रेमंड ग्रुप को दिलाई नई ऊंचाइयां
विजयपत सिंघानिया ने साल 1980 से 2000 तक रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्य किया। उनके कुशल नेतृत्व में रेमंड ने केवल फैब्रिक तक सीमित न रहकर सिंथेटिक फैब्रिक, डेनिम, स्टील, सीमेंट और इंडस्ट्रियल फाइल्स जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 'द कम्प्लीट मैन' की टैगलाइन के साथ रेमंड को भारत के सबसे भरोसेमंद और प्रतिष्ठित लाइफस्टाइल ब्रांड्स की सूची में सबसे ऊपर खड़ा कर दिया।
साहस और उपलब्धियों से भरा जीवन
कारोबार के अलावा विजयपत सिंघानिया एक कुशल पायलट और एडवेंचर प्रेमी भी थे। एविएशन के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें 1994 में भारतीय वायुसेना द्वारा 'ऑनरेरी एयर कमोडोर' की उपाधि से सम्मानित किया गया था। उन्हें प्रतिष्ठित तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड भी मिला था। उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक नवंबर 2005 में दर्ज हुई, जब 67 वर्ष की उम्र में उन्होंने हॉट एयर बैलून के जरिए 69,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
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