NPS में ऐतिहासिक सुधार: अब बैंक बनाएंगे अपने पेंशन फंड, जानिए नए नियम
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NPS में ऐतिहासिक सुधार: अब बैंक बनाएंगे अपने पेंशन फंड, जानिए नए नियम

PFRDA का कहना है कि ये सुधार एनपीएस को अधिक प्रतिस्पर्धी, सुशासित और लचीला बनाएंगे। इससे सब्सक्राइबर्स को बेहतर रिटायरमेंट रिटर्न और मजबूत आय सुरक्षा मिल सकेगी।


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National Pension System: नए साल की शुरुआत में पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में बड़े सुधारों का ऐलान किया है। अब बैंकों को अपने पेंशन फंड खोलने और स्वतंत्र तरीके से मैनेज करने की छूट मिलेगी। मतलब यह कि अब सरकार की निगरानी में आपके निवेश पर बेहतर रिटर्न, ज्यादा विकल्प और पारदर्शिता मिलेगी। साल 2026 में एनपीएस अब सिर्फ बचत का तरीका नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षित और स्मार्ट रिटायरमेंट योजना बनने जा रही है।

इन सुधारों का मकसद पेंशन सिस्टम को मजबूत करना और ग्राहकों को बेहतर रिटर्न दिलाना है। पीएफआरडीए ने अब अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) को स्वतंत्र रूप से पेंशन फंड खोलने और पेंशन परिसंपत्तियों का प्रबंधन करने की अनुमति दे दी है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि इससे पेंशन सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, नए इनोवेशन आएंगे और ग्राहकों को अधिक फायदा मिलेगा। नए नियमों के तहत केवल वित्तीय रूप से मजबूत और सुरक्षित बैंक ही पेंशन फंड स्पॉन्सर बनने के लिए पात्र होंगे। इसके लिए नेट वर्थ, बाजार पूंजीकरण और RBI के प्रूडेंशियल मानकों को पूरा करना जरूरी होगा।

NPS ट्रस्ट बोर्ड में नई नियुक्तियां

पीएफआरडीए ने NPS ट्रस्ट बोर्ड में नई नियुक्तियां भी की हैं:-

दिनेश कुमार खारा (SBI के पूर्व चेयरमैन) – चेयरपर्सन

स्वाति अनिल कुलकर्णी (UTI AMC की पूर्व वाइस प्रेसिडेंट) – सामान्य ट्रस्टी

डॉ. अरविंद गुप्ता (डिजिटल इंडिया फाउंडेशन के सह-संस्थापक) – सामान्य ट्रस्टी

खारा की नियुक्ति को पेंशन सिस्टम में गवर्नेंस सुधारने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

निवेश प्रबंधन शुल्क में बदलाव

1 अप्रैल 2026 से निवेश प्रबंधन शुल्क (IMF) की नई स्लैब-आधारित व्यवस्था लागू होगी। सरकारी क्षेत्र के कुछ स्कीमों में शुल्क अपरिवर्तित रहेगा, लेकिन गैर-सरकारी क्षेत्रों (NGS) के सब्सक्राइबर्स के लिए दरें कम हो जाएंगी। इससे एनपीएस को कॉरपोरेट सेक्टर, रिटेल और गिग इकॉनमी में विस्तार करने में मदद मिलेगी और युवाओं व अनौपचारिक सेक्टर में लोकप्रियता बढ़ेगी।

ग्राहकों को विकल्प और जोखिम

एनपीएस में कोई स्थायी रिटर्न नहीं होता। रिटर्न आपके चुने गए निवेश विकल्पों पर निर्भर करता है:-

शेयरों में निवेश: अधिक रिटर्न की संभावना, लेकिन जोखिम भी अधिक

सरकारी और कॉर्पोरेट बांड्स: कम जोखिम, स्थिर रिटर्न

पीएफआरडीए ने अब 100% फंड राशि को इक्विटी में निवेश करने की अनुमति दे दी है।

PFRDA का दावा

PFRDA का कहना है कि ये सुधार एनपीएस को अधिक प्रतिस्पर्धी, सुशासित और लचीला बनाएंगे। इससे सब्सक्राइबर्स को बेहतर रिटायरमेंट रिटर्न और वृद्धावस्था में मजबूत आय सुरक्षा मिल सकेगी।

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