महंगाई दर में तेज उछाल, फरवरी महीने में 3.21 फीसदी रही कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स,
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महंगाई दर में तेज उछाल, फरवरी महीने में 3.21 फीसदी रही कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स,

महंगाई दर का ये आंकड़ा फरवरी महीने का है और 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुई थी. मार्च महीने में महंगाई में तेज उछाल देखने को मिल सकता है.


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खुदरा महंगाई दर में उछाल जारी है और ये 3 फीसदी के पार जा पहुंची है. फरवरी 2026 के लिए महंगाई दर का आंकड़ा जारी किया है जिसके मुताबिक रिटेल इंफ्लेशन बढ़कर 3.21 फीसदी पर जा पहुंची है जो जनवरी 2026 में 2.74 फीसदी थी. महंगाई दर में बढ़ोतरी के लिए खाने-पीने की चीजों की कीमतों में उछाल जिम्मेदार है जो कि 2.13 फीसदी से बढ़कर फरवरी महीने में 3.47 फीसदी रही है.

सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से 12 मार्च को महंगाई दर के ये आंकड़े जारी किए हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक 47 बेसिस प्वाइंट के उछाल के साथ खुदरा महंगाई दर फरवरी 2026 में 3.21 फीसदी रही है. इन आंकड़ों से ये साफ है कि महंगाई का दबाव बन रहा है हालांकि महंगाई दर का आंकड़ा अभी भी भारतीय रिज़र्व बैंक के टोलरेंस बैंड के अपर लेवल 4 फीसदी के लक्ष्य से नीचे है. खुदरा महंगाई दर के आंकड़े यानी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) नए सीरीज़ के तहत जारी किए गए हैं, जिसे सरकार ने जनवरी में लागू किया था. इसमें आधार वर्ष 2012 से बदलकर 2024 कर दिया गया है और जिन वस्तुओं को महंगाई के आकलन में शामिल किया जाता है उनकी संख्या 299 से बढ़ाकर 358 कर दी गई है.

नई सीरीज़ के आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों में कीमतों पर दबाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है. फरवरी में सीपीआई सूचकांक 104.57 रहा, जो जनवरी में 104.46 था, जबकि नवंबर और दिसंबर में यह 104.10 पर था. इस तरह कीमतों के सूचकांक में लगातार चौथे महीने बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

महंगाई दर का ये आंकड़ा फरवरी महीने का है और 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुई थी. हालांकि युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल के दामों में तेज उछाल देखने को मिला है साथ ही एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है जिसके चलते पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण महंगाई का दबाव बन सकता है. मार्च 2026 की शुरुआत में एनर्जी सप्लाई में दिक्कतों के चलते घरेलू (गैर-सब्सिडी) और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे बिजली, गैस, ईंधन और रेस्तरां और रेसिडेंशियल सर्विसेज से जुड़े महंगाई के आंकड़ों पर ऊपर की ओर दबाव पड़ेगा. इसके अलावा सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी भी जारी है, जिससे मार्च 2026 में कुल खुदरा महंगाई दर में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है. नई सीरीज़ में खाद्य वस्तुओं का वज़न घटाकर 40 फीसदी से नीचे कर दिया गया है, जबकि पुरानी सीरीज़ में यह करीब 45 फीसदी था.

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