म्यूचुअल फंड बना निवेशकों की पहली पसंद, SIP अकाउंट खोलने में छोटे Towns ने बड़े शहरों को दी मात
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म्यूचुअल फंड बना निवेशकों की पहली पसंद, SIP अकाउंट खोलने में छोटे Towns ने बड़े शहरों को दी मात

आरबीआई के रिपोर्ट के मुताबिक छोटे शहरों में सबसे ज्यादा नए SIP अकाउंट्स खुल रहे हैं. नए SIP अकाउंट्स खोलने के ग्रोथ के मामले में छोटे शहरों ने टॉप 30 शहरों को पीछे छोड़ दिया है.


भारत में निवेशकों का झुकाव अब पारंपरिक बचत के साधनों की जगह इक्विटी में निवेश की ओर तेजी से बढ़ता जा रहा है. आरबीआई की रिपोर्ट से ये बातें निकलकर सामने आई है. निवेशकों के रूख में आए इस बदलाव के चलते देश के फाइनेंशियल लैंडस्केप (Financial Landscape) यानी वित्तीय परिदृश्य में तेजी के साथ बदलाव आ रहा है. और घरेलू निवेशकों के बीच इक्विटी निवेश में म्यूचुअल फंड सबसे आकर्षक निवेश का साधन बना है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुल फाइनेंशियल सेविंग्स में म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी 2011-12 में केवल 0.9 फीसदी थी जो 2022-23 में बढ़कर 6 फीसदी तक जा पहुंची है.

म्यूचुअल फंड के प्रति बढ़ा निवेशकों में आकर्षण

आरबीआई ने अगस्त 2025 के लिए बुलेटिन जारी किया है उसके मुताबिक, म्यूचुअल फंड में निवेश में आई जोरदार बढ़ोतरी इस डेटा के जरिए समझा जा सकता है कि मार्च 2010 के आखिर तक इस इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट 6.1 लाख करोड़ रुपये था हर साल 17 फीसदी के CAGR के साथ बढ़कर मार्च 2025 तक बढ़कर 65.7 लाख करोड़ रुपये हो गया. सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (SIPs) के जरिए म्यूचुअल फंड में हर महीने निवेश का नया रिकॉर्ड बना रहा है. जून 2025 में SIP निवेश 27,000 करोड़ के पार पहुँच गया. ये तब है जब हाल के दिनों में वैश्विक राजनीतिक हालात और व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव में बढ़ोतरी आई है.

बड़े शहरों के मुकाबले छोटे शहरों में बढ़ा निवेश

आरबीआई के रिपोर्ट के मुताबिक छोटे शहरों में सबसे ज्यादा नए SIP अकाउंट्स खुल रहे हैं. नए SIP अकाउंट्स खोलने के ग्रोथ के मामले में छोटे शहरों ने टॉप 30 शहरों को पीछे छोड़ दिया है. और हैरानी की बात ये है कि महिला निवेशकों की भागीदारी म्यूचुअल फंड निवेश में तेजी के साथ बढ़ रही है. महिला निवेशकों के कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट 2017 में 15 फीसदी से बढ़कर 2023 में 21 फीसदी तक चला गया है. छोटे शहरों में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है. B-30 शहरों में महिलाओं के फोलियो और एसेट्स का हिस्सा 15 प्रतिशत और 17 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत हो गया. भारत में महिलाओं के म्यूचुअल फंड निवेश का AUM मार्च 2019 के 4.59 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2024 में 11.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है.

म्यूचुअल फंड की लोकप्रियता बढ़ने के ये हैं कारण

आरबीआई के मुताबिक, बीते दशक में म्यूचुअल फंड की लोकप्रियता बढ़ी है और इसकी वजह है लोगों के इनकम में बढ़ोतरी, वित्तीय साक्षरता का बढ़ना, युवा जनसंख्या, डिजिटल इकोसिस्टम और इंटरनेट कनेक्टिविटी का प्रसार शामिल है. इसके अलावा एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की सफल मार्केटिंग पहल से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. आरबीआई बुलेटिन के मुताबिक जब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की हिस्सेदारी शेयर बाजार में धीरे-धीरे घट रही है, वहीं घरेलू इक्विटी बाजार में म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी अपने ऑलटाइम हाई पर है. यह प्रवृत्ति और मजबूत होने की उम्मीद है, क्योंकि आने वाले वर्षों में घरेलू म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की तेजी से वृद्धि का अनुमान है.

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