रुपये में ऐतिहासिक गिरावट, पहली बार 95 के पार, वित्त मंत्री सीतारमन बोलीं - हमारा रुपया ठीक चल रहा है
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रुपये में ऐतिहासिक गिरावट, पहली बार 95 के पार, वित्त मंत्री सीतारमन बोलीं - हमारा रुपया ठीक चल रहा है

वित्त मंत्री ने कहा, दूसरे इमर्जिंग देशों के मुकाबले डॉलर के मुकाबले हमारा रुपया ठीक चल रहा है.


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डॉलर के मुकाबले रुपये में ऐतिहासिक गिरावट आ गई. रुपया पहली बार 95 रुपये के लेवल को तोड़ते हुए 95.23 के लेवल पर जा लुढ़का है. रुपये में ये ऐतिहासिक गिरावट उस दिन देखने को मिली जब रुपये इस ऐतिहासिक गिरावट के कुछ घंटे पहले ही संसद में लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, हमारा रुपया ठीक चल रहा है जिस पर सदन में विपक्षी सांसदों की ओर से जोरदार हंगामा भी देखने को मिला.

RBI के कदम के बावजूद गर्त में गिरा रुपया

28 मार्च को आरबीआई ने रुपये में तेज गिरावट को थामने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए बैंकों की 'नेट ओपन रुपया पोजीशन' (NOP) पर 100 मिलियन डॉलर की सीमा तय कर दी. पहले बैंक अपनी पूंजी का 25% तक डॉलर रख सकते थे, जिससे सट्टेबाजी की संभावना बढ़ती जा रही थी. यह कदम करेंसी मार्चे में तेज उतार चढ़ाव को रोकने और डॉलर के मुकाबले रुपये को सहारा देने के लिए उठाया गया. नई सीमा तय होने के चलते बैंकों को डॉलर के बड़े स्टॉक को बेचने और रुपया खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा है. आरबीआई के इस फैसले के चलते सोमवार 30 मार्च 2025 को सुबह के ट्रेड में रुपये में मजबूती लौटी और 1.23 रुपये की मजबूती के साथ एक डॉलर के मुकाबले 93.59 पर खुला. लेकिन शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने जैसे ही तेज बिकवाली की रुपये में फिर से कमजोरी लौट आई और ये पहली बार 95 के लेवल को तोड़ते हुए 95.23 रुपये के लेवल पर जा लुढ़का. और करेंसी मार्केट के बंद होने पर एक डॉलर के मुकाबले रुपया 95.11 के लेवल पर क्लोज हुआ है जो कि शुक्रवार 27 मार्च को रुपया 94.82 के लेवल पर क्लोज हुआ था.

गिरते रुपये को संसद में उठे सवाल

आरबीआई के सख्त कदम के बावजूद रुपये में कमजोरी वापस लौट आई. लेकिन रुपये में जारी कमजोरी को लेकर लोकसभा में सरकार से जब प्रश्नकाल के दौरान सवाल पूछा गया तब वित्त मंत्री सीतारमण और सपा सांसद धर्मेंद्र यादव और दूसरे विपक्षी सांसदों के बीच नोंकझोंक भी देखने को मिली. धर्मेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयान को याद दिलाया कि रुपये के गिरने के साथ देश की साख गिरती है प्रधानमंत्री की साख गिरती है. उन्होंने कहा, सरकार कहती है देश की अर्थव्यवस्था तीसरे नंबर पर आ गई. उन्होंने कहा, एक डॉलर के मुकाबले रुपया 60 से 95 के लेवल पर कैसे आ गया जिसपर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए. लेकिन जब रुपये की कमजोरी की बात होती है दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और फिलीपींस के करेंसी से भारत के रुपये की तुलना कर सरकार जवाब देती है. उन्होंने पूछा, वो समय कब आएगा जब हमारे करेंसी का मुकाबला डॉलर, पौंड और यूरो से होगा?

वित्त मंत्री बोलीं - रुपया ठीक चल रहा है.

धर्मेंद्र यादव के इस सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि हाल ही में एक सर्वे में सभी प्रधानमंत्री राष्ट्रपति की लोकप्रियता को लेकर सवाल पूछा गया तो उसमें पीएम मोदी की लोकप्रियता सबसे ऊपर थी. वित्त मंत्री ने कहा, हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत है और पूरी दुनिया में भारत की अर्थव्यवस्था की तारीफ हो रही है जिस प्रकार वित्तीय घाटे को सरकार ने काबू में रखा हुआ है और विदेशी मुद्रा का बड़ा भंडार है. वित्त मंत्री ने कहा, दूसरे इमर्जिंग देशों के मुकाबले डॉलर के मुकाबले हमारा रुपया ठीक चल रहा है. वित्त मंत्री के इस बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया जिसके बाद विपक्षी सांसदों और वित्त मंत्री के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली. वित्त मंत्री ने कहा, विपक्ष इस विषय को उठाकर बार-बार देश को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहा है. बहरहाल विपक्ष को उनके सवालों का जवाब तो नहीं मिला, वहीं गिरते रुपये का सवाल उठाने को लेकर वित्त मंत्री विपक्ष पर भड़क उठीं.

रुपया लगाएगा सैकड़ा

वहीं जानकारों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा और हालात खराब हुए तो विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की तो जल्द ही एक डॉलर के मुकाबले सेंचुरी के लेवल को भी पार कर सकता है.

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