
एआई समिट में छाया सारवम, 30B-105B से बढ़ी ताकत
सारवम एआई ने इंडिया एआई समिट में 30B और 105B मॉडल पेश किए। स्वदेशी LLM और स्मार्ट ग्लास के साथ कंपनी भारत के सॉवरेन एआई मिशन की अगुवाई कर रही है।
बेंगलुरु स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप Sarvam AI, जिसकी स्थापना 2023 में डॉ. विवेक राघवन और डॉ. प्रत्युष कुमार ने की थी, भारत के ‘सॉवरेन एआई’ (स्वदेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता) अभियान का प्रमुख चेहरा बनकर उभरा है। भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के अनुरूप एक पूर्ण एआई इकोसिस्टम विकसित करने के लक्ष्य के साथ यह कंपनी देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में सुर्खियां
India AI Impact Summit 2026 के दौरान कंपनी ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक ध्यान आकर्षित किया। भारत मंडपम में इसके पवेलियन पर रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी। भारी उत्साह को देखते हुए आयोजकों को प्रदर्शनी एक दिन और बढ़ानी पड़ी। हजारों छात्र, डेवलपर और पेशेवर सारवम के स्वदेशी एआई मॉडलों के लाइव डेमो देखने के लिए कतारों में लगे रहे।
सरकार के इंडिया एआई मिशन में अहम भूमिका
सारवम एआई उन 12 कंपनियों में शामिल है जिन्हें सरकार के 10,372 करोड़ रुपये के इंडिया एआई मिशन के तहत सॉवरेन भाषा मॉडल विकसित करने के लिए चुना गया है। कंपनी को देश का पहला स्वदेशी लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है और इसके लिए 4,000 हाई-एंड GPU उपलब्ध कराए गए हैं।
दो नए मॉडल: Sarvam 30B और 105B
समिट में कंपनी ने दो नए मॉडल — Sarvam 30B और Sarvam 105B — पेश किए।
Sarvam 30B एक ‘मिक्सचर-ऑफ-एक्सपर्ट्स’ आर्किटेक्चर पर आधारित मॉडल है, जिसमें एक अरब सक्रिय पैरामीटर हैं। इसे 16 ट्रिलियन टोकन के टेक्स्ट पर शुरुआत से प्रशिक्षित किया गया है। यह मॉडल दक्षता के लिए अनुकूलित है और भारतीय भाषाओं में संवादात्मक एआई को सक्षम बना सकता है। इसे कम क्षमता वाले उपकरणों, यहां तक कि फीचर फोन पर भी चलाया जा सकता है।
डॉ. प्रत्युष कुमार ने कहा कि 30 बिलियन पैरामीटर वाला यह मॉडल बड़े पैमाने पर प्रतिदिन एक अरब बातचीत को संभालने में सक्षम “वर्कहॉर्स” साबित होगा। Sarvam 105B अधिक जटिल तर्क आधारित कार्यों के लिए विकसित किया गया है। इसमें नौ अरब सक्रिय पैरामीटर हैं और इसकी लागत 30B मॉडल की तुलना में लगभग दोगुनी आंकी गई है। यह 1,28,000 टोकन का बड़ा कॉन्टेक्स्ट विंडो प्रदान करता है, जिससे अधिक जटिल विश्लेषण और तर्क संभव है। कंपनी का दावा है कि इसका प्रदर्शन वैश्विक अग्रणी मॉडलों के समकक्ष है।कंपनी ने बताया कि MMLU-Pro जैसे उन्नत एआई बेंचमार्क पर उसके मॉडल ने GPT-120B से बेहतर प्रदर्शन किया।
निवेशकों का भरोसा
दिसंबर 2023 में सारवम एआई ने लाइटस्पीड वेंचर पार्टनर्स, पीक XV पार्टनर्स और खोसला वेंचर्स से 41 मिलियन डॉलर की सीरीज ए फंडिंग जुटाई, जिससे कंपनी की विश्वसनीयता और मजबूत हुई।
स्वदेशी एआई उत्पादों की पूरी श्रृंखला
सारवम एआई का उत्पाद पोर्टफोलियो भाषा, वॉयस, विज़न और हार्डवेयर समाधान तक फैला है।
Sarvam-M: 24 बिलियन पैरामीटर वाला बहुभाषी ओपन-वेट्स मॉडल, जो भारतीय भाषाओं में दक्ष है।
Bulbul: टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल।
Saaras: स्पीच-टू-टेक्स्ट मॉडल, जो 10 से अधिक भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है।
Sarvam Edge: बिना इंटरनेट के डिवाइस पर एआई प्रोसेसिंग, गोपनीयता और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकसित।
Sarvam Studio: वीडियो डबिंग और दस्तावेज अनुवाद जैसी एंड-टू-एंड कंटेंट ट्रांसफॉर्मेशन सेवाएं।
Sarvam Akshar: जटिल दस्तावेजों और ऐतिहासिक पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण पर केंद्रित।
समिट में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहा Sarvam Kaze — एक स्वदेशी एआई-संचालित स्मार्ट ग्लास, जो रीयल-टाइम विजुअल और ऑडियो प्रोसेसिंग में सक्षम है। यह दर्शाता है कि भारत अब केवल एआई सॉफ्टवेयर ही नहीं, बल्कि हार्डवेयर नवाचार में भी आगे बढ़ रहा है।
सॉवरेन एआई इकोसिस्टम की दिशा में
सारवम एआई ने ओडिशा और तमिलनाडु सरकारों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर एआई क्षमता केंद्र और रिसर्च पार्क स्थापित करने की पहल की है। स्थानीय भाषाओं, ‘हिंग्लिश’ जैसे कोड-स्विचिंग मॉडलों और स्केलेबल एंटरप्राइज टूल्स पर ध्यान केंद्रित कर सारवम एआई खुद को केवल एक स्टार्टअप नहीं, बल्कि भारत के स्वदेशी एआई स्टैक के प्रतीक के रूप में स्थापित कर रहा है।
भारत के डिजिटल परिवर्तन की रफ्तार के बीच सारवम एआई का उभार एक बड़े बदलाव की ओर संकेत करता है—भारत अब वैश्विक एआई तकनीक का उपभोक्ता भर नहीं, बल्कि स्वदेशी बुद्धिमत्ता का सृजनकर्ता बनने की दिशा में अग्रसर है।

