निवेशकों के क्यों डूबे 10 लाख करोड़, ये रहे पांच बड़े कारण
x

निवेशकों के क्यों डूबे 10 लाख करोड़, ये रहे पांच बड़े कारण

डोनाल्ड ट्रंप के बयान, तेल कीमतों में उछाल और विदेशी बिकवाली के चलते शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। इसकी वजह से निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपये डूब गए।


गुरुवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स 872 अंक गिरकर 72,262 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 भी 296 अंकों की गिरावट के साथ 22,383.40 पर आ गया। बाजार खुलने के कुछ ही समय बाद गिरावट और तेज हो गई और सेंसेक्स 1500 अंकों से अधिक टूट गया।

सुबह करीब 9:30 बजे सेंसेक्स 1382.81 अंकों की गिरावट के साथ 71,751.51 पर कारोबार कर रहा था, जबकि थोड़ी देर बाद यह 1526 अंकों तक टूटकर 71,608.48 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 437 अंक गिरकर 22,242.35 पर आ गया और फिर 470 अंकों तक गिरकर 22,209.15 पर पहुंच गया। इस तेज गिरावट के चलते निवेशकों की भारी रकम डूब गई।

निवेशकों को बड़ा नुकसान

शेयर बाजार में इस गिरावट से निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 412 लाख करोड़ रुपये रह गया।

गिरावट के 5 बड़े कारण

इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार रहे।

डोनाल्ड ट्रंप का सख्त बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन ने मिडिल ईस्ट में तनाव को बढ़ा दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले हफ्तों में ईरान पर बड़ा हमला हो सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

ब्रेंट क्रूड 6% से अधिक बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी 105 डॉलर के पार चला गया।

बॉन्ड यील्ड में तेजी

ट्रंप के बयान के बाद 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.37% हो गई, जबकि 2-वर्षीय यील्ड 3.85% तक पहुंच गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं। बुधवार को भी उन्होंने करीब 8,331 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।

वैश्विक बाजारों में गिरावट

एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। जापान का निक्केई 2% से अधिक गिरा, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4% तक लुढ़क गया, जबकि चीन और हांगकांग के बाजार भी कमजोर रहे।

ट्रंप के बयान का असर

ईरान को लेकर ट्रंप के सख्त रुख ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। उनके बयान के बाद तेल की कीमतें बढ़ीं, जबकि सोना और शेयर बाजारों में गिरावट आई। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगा और अगले 2–3 हफ्तों में सैन्य अभियान और तेज हो सकता है।

Read More
Next Story