चांदी 3.40 लाख पार: अब पुरानी चांदी से होगी कमाई, कंपनी का बड़ा प्लान
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चांदी 3.40 लाख पार: अब पुरानी चांदी से होगी कमाई, कंपनी का बड़ा प्लान

चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं। खनन कम और मांग ज्यादा होने से संकट बढ़ा है। MMTC-PAMP ने अब घरों में रखी पुरानी चांदी को रीसाइकिल करने की योजना बनाई है।


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Rise In Silver Prices : देश और दुनिया भर में चांदी की कीमतों में आग लगी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 100 डॉलर प्रति औंस के पार जा चुकी है। वहीं, भारतीय बाजारों में इसका भाव 3,40,000 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गया है। कीमतों में इस भारी उछाल का मुख्य कारण मांग और आपूर्ति में अंतर है। दुनिया भर में चांदी की मांग जिस रफ्तार से बढ़ रही है, खनन उतना नहीं हो रहा। खदानों से चांदी निकालना मांग के मुकाबले काफी कम पड़ रहा है। इस संकट को देखते हुए मेटल रिफाइनर कंपनी MMTC-PAMP ने बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने चांदी की कमी को दूर करने के लिए एक विशेष योजना बनाई है। इस योजना में भारतीय परिवारों के पास रखी चांदी अहम भूमिका निभाएगी। कंपनी का मानना है कि इससे बाजार को राहत मिल सकती है।


चांदी की कमी दूर करने का मास्टर प्लान

कंपनी अगले 3 से 4 महीनों में अपने मौजूदा स्टोर्स पर चांदी की रीसाइक्लिंग शुरू करेगी। यह शुरुआत अभी एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की जाएगी। कंपनी के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर समित गुहा ने इस बारे में जानकारी दी है। उनका कहना है कि वैश्विक स्तर पर चांदी की जबरदस्त मांग है। हालांकि, खनन उत्पादन में उस हिसाब से तेजी नहीं दिख रही है। अगर यही हाल रहा तो भविष्य में आपूर्ति का संकट गहरा सकता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए कंपनी रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में उतर रही है। गुहा के मुताबिक, अब चांदी की रीसाइक्लिंग करना आर्थिक रूप से भी फायदेमंद हो गया है। यह कदम बाजार के लिए व्यावहारिक और लाभकारी साबित होगा।

भारतीय घरों में मौजूद है खजाना

अगर चांदी की मांग इसी तरह बनी रही, तो आपूर्ति में गंभीर बाधाएं आ सकती हैं। ऐसे में रीसाइक्लिंग की गई चांदी इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकती है। कंपनी ने केंद्र सरकार से भी इस दिशा में मदद मांगी है। कंपनी ने सरकार से चांदी रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करने की अपील की है। अनुमान है कि भारतीय घरों में भारी मात्रा में चांदी मौजूद है। एक आंकड़े के मुताबिक, परिवारों के पास करीब 25,000 टन सोना है। चांदी की मात्रा इससे लगभग दस गुना ज्यादा यानी ढाई लाख टन हो सकती है। यह विशाल भंडार रीसाइक्लिंग के जरिए दोबारा बाजार में लाया जा सकता है।

कैसे होगी चांदी की रीसाइक्लिंग?

MMTC-PAMP के पास फिलहाल सोने की रीसाइक्लिंग के लिए 20 स्टोर मौजूद हैं। कंपनी इन्हीं मौजूदा स्टोरों को चांदी मैनेज करने लायक बनाएगी। इसके लिए स्टोर में लगे उपकरणों को अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही वहां काम करने वाले कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। कंपनी की योजना भविष्य में अपने नेटवर्क को और बढ़ाने की है। अगले पांच सालों में कंपनी अपने स्टोरों की संख्या दोगुनी करना चाहती है। इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। यह इन्फ्रास्ट्रक्चर चांदी की बाजार में वापसी में बड़ी मदद करेगा।

दिल्ली से होगी शुरुआत और आयात के आंकड़े

इस महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत देश की राजधानी दिल्ली से होगी। अगर यह प्रयोग दिल्ली में सफल रहा तो इसे विस्तार दिया जाएगा। इसे देश के अन्य हिस्सों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। यह कदम चांदी के बाजार में स्थिरता लाने के लिए अहम माना जा रहा है। MMTC-PAMP मुख्य रूप से एक रिफाइनर के रूप में काम करती है। यह कंपनी डोरे रूप में सोने और चांदी का आयात करती है। ऐतिहासिक रूप से सोने और चांदी का आयात 1:1 के अनुपात में होता रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 40 टन सोने का आयात किया था। वहीं, चांदी का आयात 50 टन के करीब रहा था।

बढ़ती मांग और कंपनी की साख

समित गुहा ने चालू वित्त वर्ष के आंकड़े भी साझा किए हैं। अप्रैल से दिसंबर के दौरान कुल 36 टन सोना आयात किया गया। जबकि इसी अवधि में चांदी का आयात 60 टन रहा है। यह आंकड़ा साफ तौर पर चांदी की भारी मांग को दर्शाता है। इससे पता चलता है कि बाजार में चांदी की खपत कितनी ज्यादा बढ़ गई है। MMTC-PAMP भारत की एकमात्र ऐसी रिफाइनरी का संचालन करती है। इसे सोने और चांदी दोनों के लिए डिलीवरी स्टैंडर्ड्स की मान्यता प्राप्त है। यह मान्यता कंपनी की गुणवत्ता और भरोसे को दर्शाती है।


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