चांदी पहली बार 3 लाख के पार, ग्लोबल तनाव के चलते Silver के दामों में रिकॉर्ड उछाल, अब क्या करें निवेशक!
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चांदी पहली बार 3 लाख के पार, ग्लोबल तनाव के चलते Silver के दामों में रिकॉर्ड उछाल, अब क्या करें निवेशक!

वेनेजुएला, ग्रीनलैंड और ईरान में अमेरिका के दखल से बढ़ते तनाव के चलते निवेशक सोने-चादी जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रूख कर रहे हैं.


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चांदी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पहली बार चांदी के दाम (Silver Rate) 3 लाख रुपये के पार जा पहुंचा है. सोमवार 19 जनवरी 2025 को एमसीएक्स पर चांदी में दोपहर में अचानक जोरदार तेजी आई और 3 लाख रुपये के लेवल को पार करते हुए 3,04,200 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर जा पहुंचा है.

एक ही सत्र में 16500 रुपये उछला चांदी

MCX पर चांदी में एक ही सत्र में 16,438 रुपये या 5.71 फीसदी की बंपर तेजी आई और ये 3,04,200 रुपये प्रति किलो पर जा पहुंचा है. पिछले कारोबारी सेशन में चांदी 2,87,762 रुपये प्रति किलो के लेवल पर क्लोज हुआ था. पिछले एक साल में चांदी के दामों में 200 फीसदी का उछाल आ चुका है. इससे पहले 15 जनवरी 2026 को चांदी ने 2,92,960 प्रति किलो का हाई बनाया था. इंटरनेशनल मार्केट में कॉमैक्स पर चांदी 94.36 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई पर जा पहुंची.

निवेश और इंडस्ट्री से चांदी को सपोर्ट

चांदी के दामों के आउटलुक पर पीएल वेल्थ मैनेजमेंट के प्रोडक्ट्स और फैमिली ऑफिसेज हेड राजकुमार सुब्रमण्यन ने कहा, मौजूदा दौर में चांदी एक अहम मेटल बनकर उभर रही है, जिसमें निवेश और इंडस्ट्री दोनों ही ओर मांग शामिल है. भारत में इसकी यह दोहरी भूमिका और ज्यादा साफ दिखाई देती है. पहले जहां चांदी को सिर्फ बचत और सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जाता था, वहीं अब इसकी मांग सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और आधुनिक फैक्ट्रियों में तेजी से बढ़ रही है. भारत जैसे-जैसे रिन्यूएबल एनर्जी और बुनियादी ढांचे पर काम तेज कर रहा है, वैसे-वैसे उद्योगों में चांदी की जरूरत बढ़ रही है. इससे लंबी अवधि में चांदी की कीमतों को सहारा मिलता है. साथ ही, आम निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और अमीर निवेशकों और पारिवारिक फंड की दिलचस्पी के कारण चांदी अब सोने के साथ-साथ निवेश का एक अच्छा विकल्प बनती जा रही है.

चांदी में होता है ज्यादा उतार-चढ़ाव

हालांकि उन्होंने निवेशकों को आगाह करते हुए कहा, यह समझना जरूरी है कि चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है. वैश्विक अर्थव्यवस्था, डॉलर की चाल और सट्टेबाज़ी के कारण इसके दाम तेजी से ऊपर-नीचे हो सकते हैं. इसलिए चांदी में निवेश संयमित तरीके से, सीमित मात्रा में और मध्यम से लंबी अवधि के नजरिये से करना बेहतर रहेगा.

ग्लोबल टेंशन से महंगी हुई चांदी

वेनेजुएला, ग्रीनलैंड और ईरान में अमेरिका के दखल से बढ़ते तनाव के चलते निवेशक सोने-चादी जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रूख कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जून तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो ग्रीनलैंड से जुड़े तनाव के चलते यूरोपीय देशों पर 25 फीसदी तक एडिशनल टैरिफ लगाया जा सकता है. ट्रंप के इस बयान ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.

सोना भी ऐतिहासिक हाई पर

सोने में भी जोरदार तेजी देखने को मिली है. इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4700 डॉलर के लेवल के करीब 4697.71 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई को छूने में कामयाब हुआ है. जबकि एमसीएक्स पर चांदी 3000 रुपये के उछाल के साथ 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के हाई पर जा पहुंचा है.

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