Budget 2026:  ट्रांसपोर्ट–डिफेंस पर रिकॉर्ड खर्च, शिक्षा-स्वास्थ्य को क्या मिला?
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Budget 2026: ट्रांसपोर्ट–डिफेंस पर रिकॉर्ड खर्च, शिक्षा-स्वास्थ्य को क्या मिला?

केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्रांसपोर्ट और डिफेंस सेक्टर को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी है। दोनों ही क्षेत्रों को करीब 6-6 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। बजट 2026 में सरकार ने परिवहन और रक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक प्राथमिकता देते हुए इन दोनों मदों में करीब 6-6 लाख करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे सामाजिक और विकासशील क्षेत्रों के लिए भी उल्लेखनीय बजट निर्धारित किया गया है।

बजट प्रस्तावों के मुताबिक, परिवहन क्षेत्र पर 5,98,520 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है, जबकि रक्षा क्षेत्र के लिए 5,94,585 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। गृह मंत्रालय को 2,55,234 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए 1,62,671 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा पर फोकस

शिक्षा क्षेत्र के लिए 1,39,289 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं पर 1,04,599 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ऊर्जा क्षेत्र में 1,09,029 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अन्य प्रमुख क्षेत्रों को कितना मिला?

शहरी विकास के लिए बजट में 85,522 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आईटी और टेलीकॉम सेक्टर को 74,560 करोड़ रुपये, वाणिज्य एवं उद्योग को 70,296 करोड़ रुपये और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए 62,362 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

इसके अलावा, वैज्ञानिक विभागों को 55,756 करोड़ रुपये, टैक्स प्रशासन के लिए 45,500 करोड़ रुपये, विदेश मंत्रालय को 22,119 करोड़ रुपये और वित्त मंत्रालय को 20,649 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास के लिए 6,812 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन किया गया है।

बजट में पैसा कहां से आएगा?

बजट दस्तावेजों के अनुसार, सरकार की कुल आय का 24 प्रतिशत हिस्सा उधारी के जरिए जुटाया जाएगा। इनकम टैक्स से 21 प्रतिशत और कॉरपोरेट टैक्स से 18 प्रतिशत राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।

इसके अलावा कस्टम ड्यूटी से 4 प्रतिशत, यूनियन एक्साइज ड्यूटी से 6 प्रतिशत, नॉन-डेब्ट कैपिटल रिसीप्ट से 2 प्रतिशत और नॉन-टैक्स रेवेन्यू से 10 प्रतिशत आय होगी। जीएसटी और अन्य करों से कुल 15 प्रतिशत राजस्व मिलने की उम्मीद जताई गई है।

बजट खर्च का पूरा खाका

खर्च की बात करें तो बजट का सबसे बड़ा हिस्सा—22 प्रतिशत—राज्यों को टैक्स में हिस्सेदारी देने पर खर्च होगा। ब्याज देनदारियों पर 20 प्रतिशत राशि जाएगी। केंद्रीय योजनाओं पर 17 प्रतिशत, रक्षा पर 11 प्रतिशत और केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर 8 प्रतिशत बजट खर्च किया जाएगा। सब्सिडी के लिए 6 प्रतिशत, सिविल पेंशन पर 2 प्रतिशत और अन्य मदों में 7 प्रतिशत राशि निर्धारित की गई है।

कुल मिलाकर, बजट 2026 में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा को मजबूती देने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्रों के संतुलित विकास पर जोर देते हुए आर्थिक स्थिरता और विकास का स्पष्ट रोडमैप पेश किया है।

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