
अमेरिका–ईरान युद्ध के बीच एयर इंडिया ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया, हवाई टिकट होंगे महंगे
एयरलाइन ने इस तरह फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने पर खेद जताया, लेकिन कहा कि यह फैसला “उसके नियंत्रण से बाहर के कारणों” की वजह से लिया जा रहा है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच एयर इंडिया ने मंगलवार को फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा की है, जिसके बाद एयर इंडिया की उड़ानों के किराए बढ़ने वाले हैं।
एयरलाइन ने अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर फ्यूल सरचार्ज में “चरणबद्ध विस्तार” की घोषणा की है। इसके पीछे कारण बताते हुए कहा गया कि खाड़ी क्षेत्र की भू-राजनीतिक स्थिति के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है।
मंगलवार को जारी बयान में एयर इंडिया ने कहा कि एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF), जो किसी भी एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होता है, मार्च 2026 की शुरुआत से ही काफी महंगा हो गया है।
एयरलाइन ने बताया कि ऐसा सप्लाई में व्यवधान के कारण हुआ है। भारत में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है क्योंकि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े महानगरों में एविएशन टरबाइन फ्यूल पर उच्च एक्साइज ड्यूटी और वैट लगाया जाता है। एयर इंडिया के अनुसार इससे लागत और बढ़ जाती है और एयरलाइंस के संचालन पर भारी दबाव पड़ता है।
एयरलाइन ने बताया कि नए फ्यूल सरचार्ज को तीन चरणों में लागू किया जाएगा।
एयरलाइन ने इस तरह फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने पर खेद जताया, लेकिन कहा कि यह “उसके नियंत्रण से बाहर के कारणों” की वजह से किया जा रहा है।
बयान में कहा गया, “अगर ऐसा फ्यूल सरचार्ज नहीं लगाया गया तो कुछ उड़ानों के लिए परिचालन लागत निकालना मुश्किल हो सकता है और उन्हें रद्द करना पड़ सकता है।”
एयर इंडिया ने यह भी कहा कि वह समय-समय पर फ्यूल सरचार्ज की समीक्षा करेगी और हालात के अनुसार “उचित बदलाव” करेगी।
बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि जहां एयर इंडिया अपनी उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ा रही है, वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस अपनी किसी भी उड़ान पर फ्यूल सरचार्ज नहीं लेती है।
नए फ्यूल सरचार्ज तीन चरणों में लागू होंगे
एयरलाइन ने बताया कि नए फ्यूल सरचार्ज को तीन चरणों में लागू किया जाएगा।
पहले चरण के तहत घरेलू यात्रा और सार्क देशों के लिए बुकिंग पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लगाया जाएगा। वहीं पश्चिम एशिया/मिडिल ईस्ट देशों के लिए 10 अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी लागू होगी। इससे पहले इन क्षेत्रों के लिए किसी प्रकार का फ्यूल सरचार्ज नहीं लिया जाता था।
दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के लिए फ्यूल सरचार्ज 40 डॉलर से बढ़ाकर 60 डॉलर कर दिया जाएगा, जबकि अफ्रीका क्षेत्र के लिए इसे 60 डॉलर से बढ़ाकर 90 डॉलर किया जाएगा। पहला चरण 12 मार्च से लागू होगा।
दूसरा चरण 18 मार्च से लागू होगा, जिसके तहत यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया जाएगा।
वहीं तीसरा चरण फार ईस्ट बाजारों यानी हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया से आने-जाने वाली उड़ानों पर लागू होगा, जिसकी घोषणा बाद में की जाएगी।
हालांकि एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि इन तारीखों से पहले बुक किए गए टिकटों पर नया सरचार्ज लागू नहीं होगा, जब तक कि यात्री यात्रा की तारीख या यात्रा कार्यक्रम में बदलाव नहीं करते, जिससे किराए की फिर से गणना करनी पड़े।

