
तेल संकट के बीच अमेरिका का बड़ा कदम, ईरानी तेल पर राहत संभव
तेल कीमतों में उछाल के बीच अमेरिका ईरानी तेल पर प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रहा है, ताकि वैश्विक आपूर्ति बढ़े और होर्मुज संकट से राहत मिल सके।
वैश्विक तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बीच United States ने गुरुवार (19 मार्च) को संकेत दिया कि वह Iran के उस तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है, जो फिलहाल Strait of Hormuz में टैंकरों में फंसा हुआ है। इस कदम का उद्देश्य बढ़ती ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करना है, जो पिछले दो हफ्तों से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने Fox Business Network से बातचीत में कहा कि आने वाले दिनों में “हम समुद्र में मौजूद ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकते हैं जिसकी मात्रा लगभग 14 करोड़ बैरल है।
वैश्विक आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश
बेसेंट के अनुसार, प्रतिबंधित ईरानी तेल को वैश्विक बाजार में शामिल करने से अगले 10 से 14 दिनों तक तेल कीमतों को कम करने में मदद मिल सकती है। वर्तमान आपूर्ति संकट क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता का परिणाम है, जिसके बाद ईरान ने Strait of Hormuz को व्यावसायिक जहाजों के लिए बंद कर दिया और टैंकरों पर हमले किए। यह कदम हाल ही में अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा प्रतिबंधित रूसी तेल की बिक्री की अनुमति देने के फैसले जैसा है, जिससे वैश्विक बाजार में 13 करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति बढ़ी थी।
रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने की योजना
स्कॉट बेसेंट ने बताया कि सरकार भौतिक आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है, जिनमें अमेरिका के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल जारी करना भी शामिल है। यह कदम पिछले हफ्ते जी7 देशों द्वारा जारी 40 करोड़ बैरल तेल से भी आगे जा सकता है।उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार तेल वायदा बाजार में हस्तक्षेप नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा वैश्विक कमी जो कि रोजाना 1 से 1.4 करोड़ बैरल है को पूरा करने के लिए वास्तविक आपूर्ति बढ़ाने पर ध्यान देगी।
ट्रंप-जापान बैठक और समुद्री सुरक्षा
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गुरुवार को व्हाइट हाउस में जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi से मुलाकात तय है। इस बैठक में Japan की नौसेना की संभावित भूमिका पर चर्चा होगी, खासकर Strait of Hormuz में समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर, जो जापान के अधिकांश तेल आयात के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।बेसेंट ने उम्मीद जताई कि जापान अपने रणनीतिक भंडार से अतिरिक्त तेल जारी कर सकता है, जो हालिया जी7 समझौते से भी अधिक हो सकता है।
चीन पर अमेरिका का निशाना
इसके अलावा, बेसेंट ने चीन की हालिया व्यापार नीतियों की आलोचना करते हुए उसे अविश्वसनीय आपूर्तिकर्ता बताया। यह बयान तब आया है जब बीजिंग ने अपने एशियाई पड़ोसियों को जेट ईंधन जैसे परिष्कृत उत्पादों का निर्यात रोक दिया है। मौजूदा वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका द्वारा ईरानी तेल पर प्रतिबंध हटाने का संभावित कदम बाजार को राहत दे सकता है। हालांकि होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आगे भी तेल कीमतों को प्रभावित करते रहेंगे।

