वायरल AI रिपोर्ट से बाजारों में हड़कंप, 2028 तक मंदी और नौकरी संकट की आशंका
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रिपोर्ट के मुताबिक, 2028 तक मशीन इंटेलिजेंस इतनी उन्नत हो सकती है कि बड़ी संख्या में मानव नौकरियां अप्रासंगिक हो जाएंगी।

वायरल AI रिपोर्ट से बाजारों में हड़कंप, 2028 तक मंदी और नौकरी संकट की आशंका

रिपोर्ट में विशेष रूप से खाद्य वितरण, वित्त, बीमा, मॉर्गेज, रियल एस्टेट, सॉफ्टवेयर और यात्रा सेवाओं जैसे सेवा-प्रधान क्षेत्रों को उच्च जोखिम वाला बताया गया है।


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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में तेज प्रगति के चलते 2028 तक वैश्विक आर्थिक संकट और बड़े पैमाने पर नौकरियों के नुकसान की आशंका जताने वाली एक वायरल रिसर्च रिपोर्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। यह रिपोर्ट सिट्रिनी रिसर्च की है, जिसका शीर्षक है ‘The 2028 Global Intelligence Crisis’।

रिपोर्ट को भविष्यवाणी नहीं, बल्कि एक काल्पनिक परिदृश्य (scenario) बताया गया है। इसका मकसद पाठकों को एआई से बदलती अर्थव्यवस्था के संभावित जोखिमों के प्रति सचेत करना है। इसे एक “थॉट एक्सपेरिमेंट” के रूप में पेश किया गया है, जिसमें 2028 तक संभावित वैश्विक बुद्धिमत्ता संकट की रूपरेखा और उसके प्रभावों का विश्लेषण किया गया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस रिपोर्ट से जुड़ी पोस्ट को लाखों व्यूज़ और हजारों लाइक्स मिल चुके हैं। रिपोर्ट के सह-लेखकों में लोटस टेक्नोलॉजीज़ के मुख्य निवेश अधिकारी अलाप शाह भी शामिल हैं।

2028 तक क्या हो सकता है?

रिपोर्ट के मुताबिक, 2028 तक मशीन इंटेलिजेंस इतनी उन्नत हो सकती है कि बड़ी संख्या में मानव नौकरियां अप्रासंगिक हो जाएंगी। इससे व्यापक छंटनी, उपभोक्ता खर्च में गिरावट और S&P 500 जैसे शेयर सूचकांकों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

रिपोर्ट में “निगेटिव फीडबैक लूप” की आशंका जताई गई है-कंपनियां कर्मचारियों की संख्या घटाएंगी, बेरोजगारों की खर्च क्षमता कम होगी, कंपनियों का मुनाफा घटेगा और वे अधिक एआई अपनाएंगी, जिससे और नौकरियां खत्म होंगी।

विशेष रूप से खाद्य वितरण, वित्त, बीमा, मॉर्गेज, रियल एस्टेट, सॉफ्टवेयर और यात्रा सेवाओं जैसे सेवा-प्रधान क्षेत्रों को उच्च जोखिम वाला बताया गया है।

बाजारों में क्यों आई गिरावट?

रिपोर्ट वायरल होने के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ी और बाजारों में बिकवाली देखी गई। S&P 500 में करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सॉफ्टवेयर कंपनियों से जुड़े एक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड में 4.8% की गिरावट आई। IBM के शेयरों में 25 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

डॉव इंडेक्स 800 अंकों से अधिक गिरा और नैस्डैक में भी 1% से ज्यादा की कमजोरी देखी गई। AppLovin, Asana, DocuSign और Zscaler जैसी सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई।

एशिया क्यों बन सकता है लाभार्थी?

रिपोर्ट के अनुसार, एआई से वैश्विक व्यवधान के बावजूद एशियाई कंपनियां, खासकर सेमीकंडक्टर निर्माता, 2028 तक बड़े विजेता बन सकते हैं। एशिया में बड़ी संख्या में चिप निर्माता और सेमीकंडक्टर फाउंड्री मौजूद हैं।

अलाप शाह के मुताबिक, डेटा सेंटर, फाउंडेशन लैब्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC), सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स जैसी कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी आई है।

समाधान क्या हो सकता है?

अलाप शाह का अनुमान है कि अगले 18 महीनों में एआई के कारण व्हाइट-कॉलर नौकरियों में 5% तक की कमी आ सकती है, जिसमें बैंकिंग और बीमा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित होंगे।

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारें एआई से होने वाले अतिरिक्त मुनाफे पर टैक्स लगाने पर विचार करें, ताकि नौकरी गंवाने वालों को सहारा दिया जा सके और उपभोक्ता मांग बनी रहे।

कौन हैं अलाप शाह?

अलाप शाह एआई कंपनी लिटलबर्ड के सीईओ और लोटस टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट के मैनेजिंग पार्टनर हैं। वे पहले मील सर्विस कंपनी थिसल के सह-संस्थापक और वित्तीय डेटा प्लेटफॉर्म सेंटिओ के सीईओ रह चुके हैं।

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