US ने नई फैक्टशीट में टैरिफ लिस्ट से दाल शब्द को हटाया, पर लाल ज्वार के इस्तेमाल की शर्तों का जिक्र नहीं
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US ने नई फैक्टशीट में टैरिफ लिस्ट से दाल शब्द को हटाया, पर लाल ज्वार के इस्तेमाल की शर्तों का जिक्र नहीं

मंगलवार को जारी संशोधित फैक्ट शीट में से दालों का जिक्र हटा दिया गया है. साथ ही नई फैक्टशीट में प्रतिबद्धता (Committed) शब्द की जगह इरादा रखता है (Intends) शब्द को जोड़ा गया है.


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क्या भारत सरकार की आपत्ति के बाद अमेरिका ने भारत के साथ व्यापार समझौते से जुड़ी संशोधित फैक्ट शीट जारी करते हुए उन अमेरिकी उत्पादों की सूची से “दाल” (pulses) को हटा दिया है, जिन पर भारत टैरिफ खत्म या कम करने वाला था? दरअसल व्हाइट हाउस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़ी संशोधित फैक्ट शीट में संशोधन करते हुए अमेरिकी उत्पादों की सूची से “दाल” (pulses) को हटा दिया है. इससे पहले 9 फरवरी के तारीख में जो व्हाइट हाउस ने फैक्टशीट जारी किया था उसमें दाल को भी जोड़ दिया गया था.

सोमवार को जारी शुरुआती फैक्ट शीट में कहा गया था कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई खाद्य व कृषि उत्पादों जैसे डीडीजी, लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट पर टैरिफ कम या खत्म करेगा. साथ ही इसमें यह भी कहा गया था कि भारत अमेरिकी ऊर्जा, आईटी-संचार, कृषि, कोयला और अन्य उत्पादों की 500 अरब डॉलर से अधिक की खरीद के लिए प्रतिबद्ध है. लेकिन मंगलवार को जारी संशोधित फैक्ट शीट में से दालों का जिक्र हटा दिया गया है. साथ ही नई फैक्टशीट में प्रतिबद्धता (Committed) शब्द की जगह इरादा रखता है (Intends) शब्द को जोड़ा गया है.

नई फैक्ट शीट के मुताबिक, भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई खाद्य-कृषि उत्पादों डीडीजी, लाल ज्वार, मेवे, फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट पर टैरिफ कम या समाप्त करेगा, और अमेरिका से अधिक उत्पाद खरीदने का इरादा रखता है. पिछले सप्ताह 6 फरवरी 2026 को जारी संयुक्त बयान में भी दालों का कोई उल्लेख नहीं था. उसमें कहा गया था कि भारत अगले पाँच वर्षों में अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएँ, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोल 500 अरब डॉलर तक खरीदने का इरादा रखता है.

लेकिन 6 फरवरी 2026 को जारी भारत–अमेरिका के जॉइंट स्टेटमेंट में कुछ दालों का जिक्र नहीं था. उस संयुक्त बयान में रेड सॉरघम के आयात को स्पष्ट रूप से “पशु आहार के लिए” बताया गया था जो कि एक ऐसी शर्त है जो संशोधित अमेरिकी फैक्ट शीट में भी नहीं है. इसे लेकर भारत में विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर हमला भी बोला. कांग्रेस के मीडिया पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के चेयरमैन पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया में लिखा, महज 3 दिनों में इस डील में चुपके से लाल ज्वार के इस्तेमाल की शर्तों को खत्म कर दिया गया है और दाल की भी एंट्री हो गई है. बहरहाल व्हाइट हाउस ने अपने फैक्टशीट से भारत द्वारा उससे दाल खरीदने की बात को हटा दिया है.

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