कर्नाटक उच्च न्यायालय ने नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) को निर्देश दिया है कि वह ट्रांसजेंडरों को प्रवेश और फीस माफी में 0.5 प्रतिशत अंतरिम कोटा प्रदान करे. जब तक कि विश्वविद्यालय ऐसे आवेदकों के लिए आरक्षण पर नीति तैयार नहीं कर लेता.