
गुरुग्राम में बिल्डर ने एक ही फ्लोर 25 लोगों को बेच दिया !, 500 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार
आरोपी बिल्डर को शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
एक ही बिल्डिंग का एक फ्लोर और जिसके बेच दिया गया 25 अलग-अलग लोगों को। ये कहानी फिल्मी सी लग सकती है, लेकिन सच है। ये कारनामा किया कमर्शियल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट 32nd एवेन्यू के संस्थापक और CEO और 32nd माइलस्टोन के निदेशक रियल एस्टेट कारोबारी ध्रुव दत्त शर्मा ने। जांच में सामने आया है कि ध्रुव दत्त शर्मा ने अलग-अलग लोगों से करीब 500 करोड़ रुपये की ठगी की है।
रियल एस्टेट कारोबारी ध्रुव दत्त शर्मा को एक इमारत का एक ही फ्लोर 25 से ज्यादा लोगों को बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस प्रक्रिया में लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
गुरुग्राम पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि जनवरी में ट्राम वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के एक प्रतिनिधि ने अपरा मोटेल्स (अब 32 माइलस्टोन विस्टाज प्राइवेट लिमिटेड) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में कहा गया कि वर्ष 2021 में कंपनी के निदेशकों और शेयरधारकों ने ट्राम वेंचर्स से संपर्क कर 32nd माइलस्टोन कॉम्प्लेक्स की पहली मंजिल पर स्थित 3000 वर्गफुट का यूनिट (नंबर 24) बेचने की पेशकश की थी। यह सौदा कथित तौर पर 2.5 करोड़ रुपये में तय हुआ और 21 सितंबर 2021 को भुगतान भी कर दिया गया।
हालांकि, इसके बाद भी आवश्यक दस्तावेज उन्हें नहीं मिले और उन्हें लगातार चक्कर काटने पड़े।
इसके बाद ट्राम वेंचर्स ने शिकायत दर्ज कराई। जांच में पता चला कि वर्ष 2022 से 2023 के बीच एक महत्वपूर्ण दस्तावेज 25 अन्य लोगों के नाम पर तैयार कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस केस दर्ज किया गया।
आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद ध्रुव दत्त शर्मा को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस प्रवक्ता ने कहा, “प्रारंभिक जांच के दौरान शर्मा ने बताया कि उसने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वर्ष 2021 में शिकायतकर्ता कंपनी के साथ 32 माइलस्टोन बिल्डिंग की पहली मंजिल को 2.5 करोड़ रुपये में बेचने का सौदा किया था।”
उन्होंने बताया कि उस फ्लोर की कन्वेयंस डीड शिकायतकर्ता के नाम पर नहीं की गई और बाद में वही फ्लोर 25 अन्य लोगों को बेच दिया गया। इसके बाद उस फ्लोर को 25 लोगों से 30 साल की लीज पर उनकी एक अन्य कंपनी ग्रोथ हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर ले लिया गया।
फिलहाल ध्रुव दत्त शर्मा से पुलिस पूछताछ कर रही है।

