ट्विशा मौत मामला: पूर्व जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार, सीबीआई की बड़ी कार्रवाई
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ट्विशा मौत मामला: पूर्व जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार, सीबीआई की बड़ी कार्रवाई

ट्विशा शर्मा मौत मामले में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद सीबीआई ने आरोपी सास गिरिबाला सिंह को सात घंटे की पूछताछ के बाद भोपाल से किया गिरफ्तार, एम्स में कराया मेडिकल।


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Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मामले की मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद हुई। कोर्ट का आदेश आते ही सीबीआई टीम उनके भोपाल स्थित घर पहुंची। टीम उन्हें तुरंत अपने साथ ले गई।


मेडिकल जांच के लिए एम्स ले गए

सीबीआई की टीम आरोपी गिरिबाला सिंह को मेडिकल जांच के लिए लेकर निकली है। उन्हें भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स ले जाया गया है। मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें आज ही भोपाल कोर्ट में पेश किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो आरोपी को जिला न्यायाधीश के आवास पर भी पेश किया जा सकता है।


सात घंटे तक हुई कड़ी पूछताछ

गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसी ने गिरिबाला सिंह से कड़ी पूछताछ की। यह पूछताछ करीब सात घंटे से ज्यादा समय तक चली। इस दौरान सीबीआई ने दो चश्मदीदों को भी सामने बिठाकर सवाल-जवाब किए। पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने उन्हें सबूत नष्ट करने और तथ्यों को छिपाने के आरोप में हिरासत में ले लिया।


क्राइम सीन का हो रहा वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन

इससे पहले सीबीआई ने कटारा हिल्स स्थित घर में जांच की थी। टीम ने ट्विशा शर्मा के अंतिम घंटों को समझने का प्रयास किया। इसके लिए 'टनल व्यू' जांच पद्धति का इस्तेमाल किया गया है। जांच एजेंसी पूरे घर का वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन कर रही है। इससे ट्विशा के आखिरी समय की हर गतिविधि को आसानी से समझा जा सकेगा।


डिजिटल सबूतों की हो रही है जांच

सीबीआई यह पता लगा रही है कि घटना के वक्त कौन कब घर आया। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा खंगाला जा रहा है। कॉल डिटेल और इंटरनेट रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच हो रही है। सीबीआई ने इसी सप्ताह की शुरुआत में मध्य प्रदेश पुलिस से इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच अपने हाथों में ली है।


हाईकोर्ट ने रद्द की अग्रिम जमानत

इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। जस्टिस देव नारायण मिश्रा ने बुधवार को यह अहम आदेश जारी किया। कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा 15 मई को दी गई राहत को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि जमानत देते समय अहम तथ्यों पर विचार नहीं हुआ।


निचली अदालत के फैसले में कमियां

हाईकोर्ट बेंच ने मामले की समीक्षा के बाद पाया कि पुराने आदेश में गंभीर कमियां थीं। निचली अदालत केस डायरी और गवाहों के बयानों को ठीक से देखने में नाकाम रही। इसके अलावा व्हाट्सएप बातचीत जैसे अहम दस्तावेजी सबूतों को भी नजरअंदाज किया गया। यह सभी सबूत सिंह की कथित संलिप्तता की ओर साफ इशारा कर रहे थे।


ससुराल में मिली थी ट्विशा की लाश

पेशे से वकील समर्थ सिंह फिलहाल सीबीआई की हिरासत में हैं। उनकी 33 वर्षीय पत्नी ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। शुरुआती जांच में मामला बेहद संदिग्ध नजर आया था। इसके बाद मृतका के परिवार ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना और दहेज के गंभीर आरोप लगाए।


सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच शुरू

ससुराल पक्ष पर मानसिक उत्पीड़न और लगातार क्रूरता करने के आरोप लगे थे। इसके बाद भोपाल पुलिस ने 15 मई को दहेज मृत्यु की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्ष जांच के लिए केस सीबीआई को सौंपा। सीबीआई ने भोपाल पहुंचकर नया केस दर्ज किया और अपनी जांच तेज कर दी।


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