चेन्नई मुठभेड़: मुंबई के अपराधियों की चौंकाने वाली चोरी योजना, पुलिस ने की नाकाम
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चेन्नई मुठभेड़: मुंबई के अपराधियों की चौंकाने वाली चोरी योजना, पुलिस ने की नाकाम

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस की सतर्कता और सूक्ष्म जांच के परिणामस्वरूप अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि, पुलिस मुठभेड़ों पर उठे सवालों को लेकर चर्चा जारी रहेगी.


मुंबई के दो करियर अपराधियों ने एक खतरनाक और साहसी अपराध योजना बनाई थी, जिसमें बिहार से एक बंदूक और कर्नाटक से चुराई गई बाइक का इस्तेमाल किया गया था. चेन्नई पुलिस ने उनकी योजना को विफल कर दिया और एक मुठभेड़ में इरानी को मार गिराया. इस घटना ने सिनेमा को भी पीछे छोड़ दिया और तमिलनाडु की राजधानी में एक हाई-प्रोफाइल थ्रिलर जैसा माहौल बना दिया.

मुंबई से चेन्नई तक अपराध

मुंबई के दो कुख्यात चेन-स्नैचर जाफर गुलाम हुसैन इरानी और उसके साथी मिसामुम धुसवसम मेसाम (दोनों 28 साल के) ने एक अनोखा तरीका अपनाया. वे मंगलवार सुबह मुंबई से चेन्नई पहुंचे और महज एक घंटे में छह सोने की चेन लूट ली. उनका लक्ष्य जल्दी ही वापस उड़ान भरने का था. पुलिस कमिश्नर अरुण ने बताया कि वे बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाते थे, जो सुबह के वक्त सड़क पर चलती थीं और फिर जल्दी से चुराई गई ज्वैलरी के साथ वापस लौटने की योजना बना रहे थे. लेकिन चेन्नई पुलिस ने उनकी योजना को नाकाम कर दिया. तीन घंटे के भीतर, दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया. हालांकि, बुधवार की सुबह तामरानी रेलवे स्टेशन पर पुलिस द्वारा पकड़े जाने के दौरान इरानी ने हमला किया और उसे सेल्फ डिफेंस में गोली मार दी गई.

6 चेन स्नैचिंग

चेन्नई में सुबह के वक्त छह चेन स्नैचिंग की घटनाएं रिपोर्ट हुईं, जो पुलिस के लिए एक बड़ी चेतावनी बन गईं. इन घटनाओं में, जो सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच हुईं, अपराधी बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बना रहे थे. पुलिस ने 100 से अधिक अधिकारियों को तैनात किया और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की. उनकी जांच में यह बात सामने आई कि दो अपराधी चुराई गई बाइक पर सवार थे और उन्होंने Saidapet, Adyar और Besant Nagar क्षेत्रों में छह महिलाओं से करीब 13 लाख रुपये की सोने की चेन लूटी.

तीसरे आरोपी सलमान की गिरफ्तारी

पुलिस ने जल्दी ही यह पहचान लिया कि इरानी और मेसाम, जो पहले भी अंतरराज्यीय अपराधों में लिप्त थे, एक गैंग से जुड़े हुए हैं. वे सलमान हुसैन से बाइक लेकर आए थे, जो पहले ही चेन्नई पहुंच चुका था. सलमान को पुलिस ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा आंध्र प्रदेश के ओंगोल स्टेशन से गिरफ्तार किया. पुलिस का मानना था कि इस ऑपरेशन में तीन टीमों का योगदान था — एक टीम ने अपराध की योजना बनाई, दूसरी टीम ने उसे अंजाम दिया और तीसरी टीम ने लूटी गई ज्वैलरी को बेचा.

जूतों से मिली अहम पहचान

चेन्नई पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की और सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की हर गतिविधि पर नजर डाली. पुलिस ने देखा कि दोनों आरोपियों ने कपड़े बदल लिए थे. लेकिन जूते वही थे. अरुण ने बताया कि हमने जूतों के पैटर्न का मिलान किया और यह हमारी सफलता की कुंजी बनी. इस तरीके से हम आरोपियों तक पहुंचे. पुलिस ने जूते के पैटर्न का इस्तेमाल करते हुए आरोपियों की पहचान की और उन्हें एयरपोर्ट पर पकड़ लिया. सुबह 10:30 बजे इरानी को एयर इंडिया काउंटर पर और मेसाम को इंडिगो काउंटर पर गिरफ्तार किया गया.

मुठभेड़ में इरानी की मौत

पुलिस ने इरानी को बुधवार सुबह तामरानी रेलवे स्टेशन पर ले जाकर चोरी किए गए गहनों को बरामद करने का प्रयास किया. इस दौरान इरानी ने एक पुलिस अधिकारी पर हमला किया और सेल्फ डिफेंस में पुलिस ने उसे गोली मार दी. पुलिस ने कहा कि इरानी को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया.

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

मानवाधिकार कार्यकर्ता हेनरी टिपहाग्ने ने इस मुठभेड़ पर सवाल उठाया और इसे "अधिकारों का उल्लंघन" बताया. उन्होंने कहा कि यह चेन्नई में अरुण के पुलिस कमिश्नर बनने के बाद चौथी मुठभेड़ हत्या थी. टिपहाग्ने ने यह भी कहा कि इरानी की मौत "राज्य की नाकामी" को दर्शाती है और इस प्रकार की मुठभेड़ों से कानून और मानवाधिकारों की रक्षा नहीं हो सकती.

पुलिस का बचाव

पुलिस कमिश्नर ने मुठभेड़ को सही ठहराया और कहा कि इरानी ने हमारे अधिकारी पर हमला किया, हमें आत्मरक्षा में कार्रवाई करनी पड़ी. ऐसे खतरनाक अपराधियों को खुला छोड़ना जनता की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता था. पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के बाद तामरानी से 26.5 सोने की संप्रदा (लगभग 13 लाख रुपये का मूल्य) बरामद की गई.

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