
चावल के कट्टों के नीचे करोड़ों का जखीरा! दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बना तस्करों का नया सेफ रूट?
smuggling on the expressway: पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और इन सवालों के जवाब ढूंढे जा रहे हैं कि शराब पंजाब के किस गोदाम से भरी गई थी?
Rajasthan liquor smuggling: जिस एक्सप्रेसवे को तस्करों ने ‘सेफ रूट’ समझ लिया था, वही उनके लिए सबसे बड़ा जाल बन गया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चावल के कट्टों के पीछे छुपाया गया करोड़ों की शराब का जखीरा, दौसा पुलिस और एंटी गैंगस्टर्स टास्क फोर्स की सटीक प्लानिंग के सामने ज्यादा देर टिक नहीं पाया। रूट बदला गया, तरीका बदला गया, लेकिन खाकी की नजर से बचना इस बार भी मुमकिन नहीं हुआ। राजस्थान की एंटी गैंगस्टर्स टास्क फोर्स (AGTF) और दौसा पुलिस ने मिलकर साल 2026 की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक करोड़ रुपये की अवैध शराब बरामद की है।
फिल्मी अंदाज में घेराबंदी
दौसा पुलिस ने बताया कि इनपुट के बाद टीम को अलर्ट किया गया। पुलिस टीम ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भांडारेज के पास एक संदिग्ध ट्रक को रोका। ट्रक बाहर से पूरी तरह चावल के कट्टों से भरा हुआ लग रहा था। लेकिन जब पुलिस ने कट्टों को हटाकर जांच की तो अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। कट्टों के नीचे अलग-अलग ब्रांड की 1070 पेटियां अवैध शराब छिपाकर रखी गई थीं। एक्सप्रेसवे पर भारी ट्रैफिक होने के कारण ट्रक को सदर थाना ले जाया गया, जहां पूरी तलाशी ली गई। जांच में सामने आया कि यह शराब पंजाब में बनी थी और इसे गुजरात सप्लाई किया जाना था।
नए रूट का खुलासा
इस मामले में पुलिस ने दिनेश जाट, निवासी बाड़मेर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले भी सिरोही जिले में शराब तस्करी के मामले में पकड़ा जा चुका है। एसपी सागर ने बताया कि आमतौर पर एक्सप्रेसवे पर ट्रकों की नियमित जांच नहीं होती और इसी बात का फायदा उठाकर तस्कर इस नए रूट का इस्तेमाल कर रहे थे।
अब इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और इन सवालों के जवाब ढूंढे जा रहे हैं कि शराब पंजाब के किस गोदाम से भरी गई थी? गुजरात में किसे यह शराब पहुंचाई जानी थी? दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से अब तक कितनी बार ऐसी सप्लाई हो चुकी है?
खाकी की नजर हर नए रूट पर
दौसा पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि भले ही तस्कर अपने रास्ते बदल लें, लेकिन पुलिस की नजर हर नए और तथाकथित ‘सॉफ्ट टारगेट’ पर बनी हुई है। राजस्थान पुलिस का यह ऑपरेशन तस्करों के लिए साफ चेतावनी है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं है।

