दिल्ली के फ्लाईओवर में कार के अंदर तीन लाशों का रहस्य खुला, तांत्रिक ने खिलाए थे जहरीले लड्डू
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दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में स्वयंभू तांत्रिक कमरुद्दीन उर्फ बाबा

दिल्ली के फ्लाईओवर में कार के अंदर तीन लाशों का रहस्य खुला, तांत्रिक ने खिलाए थे जहरीले लड्डू

जांचकर्ताओं को शुरुआत में आत्महत्या का शक हुआ क्योंकि शवों पर किसी बाहरी चोट, फंदे के निशान या संघर्ष के संकेत नहीं मिले थे।


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उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर रविवार को एक खड़ी कार के अंदर तीन लाशों की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि वो आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि खुद को अलौकिक शक्तियों वाला बताने वाले एक “बाबा” ने कथित तौर पर उन्हें जहर देकर उनकी रकम लूट ली।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में “बाबा” ने कबूल किया कि उसने जहर मिले लड्डू तैयार किए थे और पीड़ितों के साथ उनकी कार में सफर किया था।

शुरुआत में जांचकर्ताओं को आत्महत्या का संदेह हुआ क्योंकि शवों पर किसी भी तरह की बाहरी चोट, फंदे के निशान या संघर्ष के संकेत नहीं थे।

दिल्ली पुलिस ने बताया है कि स्वयंभू तांत्रिक कमरुद्दीन उर्फ “बाबा” को तीनों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि कमरुद्दीन ने आर्थिक लाभ के उद्देश्य से सुनियोजित साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद निवासी कमरुद्दीन एक कथित तांत्रिक केंद्र चलाता था। जांच में सामने आया कि आरोपी तांत्रिक अनुष्ठानों के जरिए ‘धनवर्षा’ (अचानक धन लाभ) कराने के बहाने भोले-भाले लोगों को फंसाता था।

पुलिस ने बताया कि कमरुद्दीन पहले पीड़ितों का विश्वास जीतता, उन्हें प्रभावित करता और फिर लड्डुओं में जहर मिलाकर उन्हें खिलाता, जिससे उनकी मौत हो जाती और वह नकदी और कीमती सामान लूट लेता। पुलिस के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आरोपी आदतन अपराधी है और पहले भी जघन्य अपराधों में शामिल रहा है।

कार से शराब की बोतलें, कोल्ड ड्रिंक की बोतलें, खाली गिलास, मोबाइल फोन, नकदी, हेलमेट, जैकेट, आधार कार्ड, निजी सामान और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए।

मृतकों की पहचान 76 वर्षीय रणधीर, 42 वर्षीय शिव नरेश और 40 वर्षीय लक्ष्मी के रूप में हुई है। तीनों दिल्ली के नांगली डेयरी, बापरोला और जहांगीरपुरी के रहने वाले थे।

मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि मृतकों के परिवारों ने आत्महत्या की आशंका से इनकार किया। तकनीकी विश्लेषण और संबंधित लोगों से पूछताछ में पता चला कि तीनों कमरुद्दीन के संपर्क में थे, जिसने उन्हें अनुष्ठानों के जरिए आर्थिक लाभ का भरोसा दिलाया था।

पुलिस के अनुसार, हत्या से एक दिन पहले तीनों लोनी गए थे। घटना वाले दिन भी वे लोनी गए और कमरुद्दीन के संपर्क में रहे। तकनीकी साक्ष्यों से संकेत मिला कि वापसी के दौरान कार में एक अतिरिक्त व्यक्ति मौजूद था। आगे की जांच में पुष्टि हुई कि वह व्यक्ति कमरुद्दीन ही था, जो लोनी से कार में बैठा और मामला उजागर होने से पहले उतर गया।

कमरुद्दीन को पकड़कर पूछताछ की गई। शुरुआत में उसने जांच को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पूछताछ में उसने बताया कि लगभग दो महीने पहले उसकी मुलाकात लक्ष्मी से हुई थी। बाद में लक्ष्मी ने उसकी पहचान शिव नरेश और रणधीर से कराई।

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने तीनों को ‘धनवर्षा’ के लिए पूजा कराने के नाम पर ₹2 लाख नकद, शराब और कोल्ड ड्रिंक लाने को कहा। उसने पहले से जहर मिले लड्डू तैयार कर रखे थे और उनके साथ कार में सवार हुआ। कार में उसने तीनों को शराब, कोल्ड ड्रिंक और जहर मिले लड्डू दिए। जब वे बेहोश हो गए, तो वह नकदी लेकर कार से फरार हो गया।

रविवार को राहगीरों ने पीरागढ़ी फ्लाईओवर की सर्विस लेन पर खड़ी कार में तीन लोगों को बेसुध हालत में देखा और पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों की मौत जहर सेवन से हुई, हालांकि घटनाक्रम की सटीक कड़ी और पूरी वजह की जांच अभी जारी है।

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