तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दी जान, क्या है कोरियाई गेम का सच ?
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तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दी जान, क्या है कोरियाई गेम का सच ?

गाज़ियाबाद के लोनी की भारत सिटी सोसाइटी में आधी रात को सनसनी, पिता के मुताबिक सुसाइड नोट में लिखा- 'कोरिया हमारी जान है', पुलिस को डिजिटल टास्क और ऑनलाइन गेमिंग के चंगुल का शक।


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Three Sisters Suicide Or Korean Game Task : गाजियाबाद के लोनी इलाके में एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक नामचीन सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल से मौत की छलांग लगा दी। इस सामूहिक आत्महत्या की खबर किसी जंगल की आग की तरह पूरे दिल्ली-एनसीआर और देश में फैल गई है। घटना के पीछे की जो वजह सामने आ रही है, वह किसी भी माता-पिता के रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है। दावा किया जा रहा है कि ये तीनों बच्चियां किसी खतरनाक कोरियाई गेम या ऑनलाइन एप के चंगुल में फंसी हुई थीं। जिस वक्त यह दर्दनाक हादसा हुआ, पूरा परिवार और सोसाइटी के लोग सन्न रह गए। पुलिस अब उस रहस्यमयी गेम की तलाश में जुट गई है, जिसने तीन मासूम जिंदगियों को लील लिया।


आधी रात को चीखों से दहल उठी भारत सिटी सोसाइटी
यह सनसनीखेज घटना गाजियाबाद के लोनी स्थित टीला मोड़ थाना क्षेत्र की भारत सिटी सोसाइटी की है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात, जब पूरी दुनिया गहरी नींद में थी, तभी बी 1 टावर के नीचे एक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। रात के करीब 2 बज रहे थे। आस-पड़ोस के लोग जब तक बाहर निकलकर कुछ समझ पाते, तब तक वहां चीख-पुकार मच गई। सोसाइटी के लोगों ने देखा कि तीन बच्चियां खून से लथपथ जमीन पर पड़ी हैं। उन्होंने नौवीं मंजिल से एक साथ छलांग लगा दी थी।

जैसे ही बच्चियां नीचे गिरीं, फ्लैट से उनकी दो माएं बिलखती हुई नीचे आईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों माएं बदहवास होकर रो रही थीं और उनके मुंह से 'कोरिया' और 'कोरियाई गेम' जैसे शब्द बार-बार निकल रहे थे। पुलिस को तुरंत सूचित किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीनों बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया है।

सुसाइड नोट में लिखी कोरियाई दीवानगी की दास्तान
पुलिस की शुरुआती जांच में एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने इस केस की दिशा ही बदल दी। बच्चियों के पिता, जो शेयर ट्रेडिंग का व्यवसाय करते हैं, उन्होंने सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग पहचान ली है। इस पत्र में बच्चियों ने अपनी जान देने की जो वजह लिखी, वह हैरान करने वाली है। सुसाइड नोट में लिखा था, "पापा सॉरी, हम कोरिया नहीं छोड़ सकते। कोरिया हमारी जिंदगी है, कोरियन हमारी जान है और आप हमें उनसे नहीं छुड़ा सकते। आई एम सॉरी, हम जान दे रहे हैं।"

पिता ने भारी मन से बताया कि उनकी बेटियां किसी ऐसी जिद में थीं, जिसकी गहराई का उन्हें अंदाजा नहीं था। उन्होंने कहा, "हमें आज फॉरेंसिक टीम से पता चला कि वे किसी गेम के टास्क पूरे कर रही थीं। हमें लग रहा था कि वे सामान्य खेल खेल रही हैं।" पिता ने अन्य अभिभावकों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी बच्चे को ऐसे गेम न खेलने दें, क्योंकि पता नहीं चलता कि कब कौन सा आत्मघाती टास्क उन्हें दे दिया जाए।

खिड़की के पास मिला स्टूल और बंद दरवाजा
सोसाइटी के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के जॉइंट सेक्रेटरी ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे थे। जब वे पुलिस के साथ फ्लैट के अंदर गए, तो उस कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। खिड़की के नीचे दो पायदान वाला एक स्टूल लगा हुआ था। साफ जाहिर था कि बच्चियों ने उसी स्टूल के सहारे खिड़की तक अपनी पहुंच बनाई और फिर वहां से नीचे कूद गईं।

जांच में यह भी सामने आया कि तीनों बहनें पिछले दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं। वे केवल एक कोचिंग में जाती थीं। कोचिंग सेंटर से भी माता-पिता को शिकायत मिली थी कि ये तीनों बच्चियां हमेशा कोरियाई एप या गेम में डूबी रहती हैं। वे किसी और से बात नहीं करती थीं और यहां तक कि अपना नाम भी कोरियाई भाषा के शब्दों पर रखती थीं।

कमरे के अंदर का रहस्यमयी 'कोरियाई' सेटअप
इसी टावर में रहने वाले पेशे से वकील ओंकारेश्वर का कहना है कि जिस कमरे में बच्चियां रहती थीं, वहां कुछ अजीबोगरीब चीजें मिलीं। कमरे के फर्श पर कोरियाई एनिमेटेड कार्टून किरदारों की फोटो एक खास घेरे (गोलाकार) में सजाकर रखी गई थीं। वहां एक फोटो ऐसी भी मिली जिसमें उनकी मां का चेहरा कटा हुआ रखा था। दीवार पर भी कुछ बातें लिखी हुई थीं। यह सब संकेत दे रहे थे कि बच्चियां किसी डरावने 'कल्ट' या खतरनाक ऑनलाइन टास्क का हिस्सा बन चुकी थीं।

पुलिस ने क्या बताया
डीसीपी ट्रांसहिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि बच्चियां कोरियाई संस्कृति और मीडिया से बहुत ज्यादा प्रभावित थीं। मंगलवार की रात करीब 10 से 11 बजे के बीच उनकी मौसी ने उनसे उनका मोबाइल फोन ले लिया था। फोन छीनने के बाद तीनों बहनें काफी गुस्से और तनाव में थीं। वे दूसरे कमरे में चली गईं और अंदर से कुंडी लगा ली। परिवार को लगा कि वे सो गई हैं, लेकिन उन्होंने मौत का रास्ता चुन लिया।

दो माएं, पांच बच्चे और एक बिखरता परिवार
इस परिवार की पृष्ठभूमि भी थोड़ी अलग है। बच्चियों के पिता की दो शादियां हुई हैं। फ्लैट में पिता, उनकी दोनों पत्नियां और कुल पांच बच्चे एक साथ रहते थे। जान देने वाली तीन बहनों में से एक बच्ची एक मां की थी और दो दूसरी मां की। यह परिवार पिछले तीन साल से इसी सोसाइटी में रह रहा था। दोनों माएं और बच्चे आपस में मिल-जुलकर रहते थे, लेकिन इस ऑनलाइन गेम की लत ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया।

फिलहाल पुलिस ने बच्चियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। साइबर सेल की मदद से उन एप्स और लिंक्स की जांच की जा रही है, जो बच्चियों को भेजे गए थे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई बाहरी व्यक्ति उन्हें 'टास्क' के नाम पर उकसा रहा था।


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