
Three Sisters Suicide: क्या 'लव गेम' का 50वां टास्क था मौत? जांच में बड़ा खुलासा
गाजियाबाद की 3 बहनों की मौत में अब 'स्यूसाइड गेम' का एंगल, पुलिस खंगाल रही है मोबाइल हिस्ट्री और 8 पन्नों की सीक्रेट डायरी, क्या किसी ने उकसाया? पढ़ें पूरी पड़ताल।
Three Sisters Suicide : गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन सगी बहनों की सामूहिक आत्महत्या के मामले में पुलिस की जांच अब 'साइबर साजिश' की ओर मुड़ गई है। पुलिस की विशेष टीम (SIT) इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि क्या लड़कियों को मौत के लिए किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से निर्देशित किया जा रहा था? प्राथमिक जांच में एक टास्क-आधारित कोरियन 'लव गेम' का नाम सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गेम 'ब्लू व्हेल चैलेंज' जैसा ही खतरनाक हो सकता है। तीनों बहनों की कॉल डिटेल, सर्च हिस्ट्री और उनके मोबाइल के डेटा को रिकवर करने के लिए उसे फोरेंसिक लैब (FSL) भेजा गया है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या यह महज एक हादसा है या किसी डिजिटल ग्रुप ने उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाया है।
50वें टास्क का 'डेथ मिस्ट्री' कनेक्शन
पुलिस की अब तक की जांच में यह संकेत मिले हैं कि बुधवार को उस गेम का 50वां और अंतिम टास्क था। एसीपी अतुल कुमार सिंह के नेतृत्व में चल रही जांच में लड़कियों के पिता का बयान सबसे महत्वपूर्ण है। पिता ने खुलासा किया कि लड़कियां पिछले कई वर्षों से इस रहस्यमयी गेम में उलझी हुई थीं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि गेम के आखिरी स्टेज में किसी 'अज्ञात हैंडलर' ने उन्हें ऊंची इमारत से कूदने का निर्देश दिया होगा। पुलिस अब उन वेबसाइट्स और ऐप्स की पहचान कर रही है, जहां ये गेम्स मौजूद हैं। अगर इसमें किसी व्यक्ति की भूमिका पाई जाती है, तो यह 'अबेटमेंट टू स्यूसाइड' (आत्महत्या के लिए उकसाना) का एक बड़ा साइबर मामला बन सकता है।
8 पन्नों की डायरी: डिजिटल हिप्नोसिस का सबूत?
पुलिस को मिली 8 पन्नों की डायरी और सुसाइड नोट किसी 'डिजिटल हिप्नोसिस' की कहानी बयां कर रहे हैं। डायरी में जिस तरह से कोरियन कल्चर और K-Pop के प्रति दीवानगी जाहिर की गई है, वो असामान्य है। फोरेंसिक मनोवैज्ञानिकों (Forensic Psychologists) का मानना है कि लड़कियां 'फैंटेसी' और 'रियलिटी' के बीच का अंतर भूल चुकी थीं। डायरी में लिखे शब्द जैसे "कोरिया ही हमारी जिंदगी है" यह दर्शाते हैं कि उन्हें मानसिक रूप से प्रोग्राम किया गया था। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या वे किसी डार्क वेब (Dark Web) के सोशल मीडिया ग्रुप का हिस्सा थीं, जहां बच्चों को उनके माता-पिता के खिलाफ भड़काया जाता है।
मोबाइल और इंटरनेट हिस्ट्री में छिपे हैं राज
लड़कियों के मोबाइल फोन पिछले 4 दिनों से उनके पिता के पास थे, लेकिन उससे पहले की इंटरनेट एक्टिविटी की जांच की जा रही है। जांच टीम ने पाया कि वे नॉन-स्टॉप सर्वाइवल और हॉरर गेम्स खेल रही थीं। 'पॉपी प्ले टाइम' और 'एविल नन' जैसे गेम्स की लिस्ट यह बताती है कि वे मानसिक रूप से 'डार्क कंटेंट' के प्रभाव में थीं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या उन्होंने हाल ही में किसी विदेशी नंबर से बात की थी। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि K-Pop फैंस के नाम पर कई ऐसे ऑनलाइन गिरोह सक्रिय हैं, जो किशोरों को टारगेट करते हैं और उन्हें अपने परिवार से दूर कर देते हैं।
परवरिश और डिजिटल निगरानी पर पुलिस की रिपोर्ट
जांच के एक हिस्से में पुलिस ने पड़ोसियों और स्कूल (जब वे जाती थीं) के रिकॉर्ड्स भी खंगाले हैं। पता चला है कि कोरोना काल के बाद से वे पूरी तरह से एकांतवासी हो गई थीं। वे एक साथ खाती-पीती थीं और उनका आपसी जुड़ाव इतना गहरा था कि उन्होंने एक साथ ही मौत को गले लगा लिया। पुलिस की फाइनल रिपोर्ट इस बात पर केंद्रित होगी कि कैसे इंटरनेट की लत ने उन्हें 'स्यूसाइडल टेंडेंसी' की ओर धकेला। फिलहाल, गाजियाबाद पुलिस इस मामले को एक 'हाई-प्रोफाइल साइबर क्राइम' मानकर जांच कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसे डिजिटल खतरों से दूसरे बच्चों को बचाया जा सके।
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