Korean Lover Game से लेकर Blue Whale तक, कैसे ऑनलाइन गेम्स बन रहे हैं जानलेवा?
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Korean Lover Game से लेकर Blue Whale तक, कैसे ऑनलाइन गेम्स बन रहे हैं जानलेवा?

गाजियाबाद में तीन बहनों की आत्महत्या ने एक बार फिर ऑनलाइन गेम्स के खतरे को उजागर कर दिया। माना जा रहा है कि मामला “कोरियन लवर” नाम की ऑनलाइन गेम से जुड़ा है।


कोरियन लवर गेम की वजह से तीन बच्चियों ने अपनी जान गंवा दी। तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है। ये कोई पहला मौका नहीं है जब ऑनलाइन गेम की वजह से किसी की जान गई हो। इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन ये ऑनलाइन गेम्स कैसे चलते हैं, ये किस तरह से काम करते हैं, ये लोगो को इतना भावुक कैसे कर देते हैं कि वो अपनी जान तक देने को तैयार हो जाते हैं। चलिए जानते हैं-

ऑनलाइन गेमिंग की वजह से आत्महत्या का एक नया मामला सामने आया है। इसमें तीन बहनों ने सुसाइड किया है। माना जा रहा है कि आत्महत्या की वजह कोरियन लवर गेम है। तो पहले ये जानते हैं किआखिर ये कोरियन लवर गेम है क्या और काम ये कैसे करता है?

कोरियन लवर: फिर एक नया खतरनाक ट्रेंड

"कोरियन लवर" जैसी गेम्स ने फिर से दिखा दिया कि इंटरनेट पर खतरनाक कंटेंट कितनी तेजी से फैल सकता है। ये गेम्स अक्सर प्रेम, रोमांस, और भावनात्मक जुड़ाव का दिखावा करते हैं, लेकिन पीछे का मकसद अलग होता है। मकसद होता है हर रोज़ एक चुनौती देना और उन चुनौतियों को यूज़र से पूरा करवाना। अब ये समझते है कि इस गेम का तरीका क्या है और कैसे ये भावात्मक तौर पर खिलाड़ी को अपने साथ जोड़ लेता है। शुरुआत में गेम में क्यूट स्टोरी और रोमांटिक टोन होता है और खिलाड़ी धीरे-धीरे भावनात्मक रूप से जुड़ता चला जाता है। फिर गेम अजीब और खतरनाक चुनौतियाँ देता है। अक्सर इसमें युवा लड़कियों और लड़कों को लक्ष्य बनाया जाता है, क्योंकि वे भावनात्मक रूप से ज्यादा संवेदनशील होते हैं।

कैसे फैलते हैं ऐसे गेम्स?

इस तरह के गेम्स को आप डाउनलोड नहीं कर सकते हैं। बल्कि ये किसी सोशल मीडिया पर पेज, कम्युनिटी या क्लोज ग्रुप का हिस्सा हो सकते हैं। लोगों को मैसेज में उनके टास्क दिए जाते हैं, जिन्हें पूरा करना होता है। गेम खेलने वाले को इस हद तक मैनिपुलेट करता है कि उन्हें सिर्फ एक ही टार्गेट नजर आता है, और वो है टास्क पूरा करने का। ऐसे गेम्स का प्रभाव दुनिया के किसी एक देश या रीजन तक सीमित रहता। इन गेम्स की सबसे बड़ी ताकत है सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स होते हैं। इन्हें ज़्यादातर एक लिंक के तौर शेयर किया जाता है, और फिर कई लोग बिना समझे इसमें शामिल हो जाते हैं।

क्या कारण हैं जो इसे खतरनाक बनाते हैं?

इन गेम्स का असर सिर्फ “खेल” तक सीमित नहीं रहता। इसके पीछे कई कारण हैं जैसे-मानसिक कमजोरियां-

युवा अक्सर: अकेलापन, तनाव, आत्मविश्वास की कमी, जैसे भावनात्मक संकट से गुजरते हैं। और इन गेम्स के चंगुल में फंस जाते है। और एक बार आप अगर इसमें फंस गए हैं, तो फिर गेम के अंदर की “कम्यूनिटी” आप पर चैलेंज पूरा करने का दवाब बनाती है। ये नियमों का पालन करने के लिए डराते हैं और नियमों का पालन करवाते हैं।

पहले भी चर्चा में रहे हैं ऐसे गेम्स

कोरियन लवर गेम से पहले ऑनलाइन चैलेंज या टास्क पूरा करने वाले किसी डेडली गेम की चर्चा होती है, तो उसमें Blue Whale का नाम सबसे पहले याद आता है। ब्लू व्हेल गेम 2016-2017 में सबसे ज्यादा चर्चा में आया। इसमें यूज़र को 50 दिन तक रोज़ एक-एक चुनौती दी जाती थी। लेकिन भारत में इस तरह के कई मामले साल 2017 में सबसे पहले देखने को मिले। जिसमें Blue Whale को लोगों की मौत की वजह बताया गया. अगस्त 2017 में एक बच्चे ने इस चैलेंज के सभी 50 टास्क को अपनी स्कूल डायरी में लिखा था, जिसके बाद उसने आत्महत्या की कोशिश की. सितंबर 2017 में एक मामला मध्यप्रदेश से भी सामने आया. इस तरह के कई मामले उस वक्त रिपोर्ट किए गए थे.

क्या था Blue Whale गेम?

दरअसल, Blue Whale कोई गेम नहीं था। ये एक तरह का ऑनलाइन चैलेंज ट्रेंड था, जिसमें हिस्सा लेने वाले को टास्क पूरा करना होता था। ये 50 दिनों का एक चैलेंज होता था, जिसमें हिस्सा लेने वाले को अलग-अलग टास्क पूरे करने होते थे। कुछ टास्क बेहद खतरनाक होते थे, जिसमें कई लोगों की जान तक चली गई। इसमें लोगों को- खुद को नुकसान पहुंचाने का टास्क, ना सोने और आत्महत्या तक के टास्क दिए गए। टास्क पूरा करने की कोशिश में कई लोगों ने खुद को नुकसान पहुंचा लिया, तो कुछ लोगों ने अपनी जान तक गंवा दी है।

क्या था किकी चैलेंज?

2018 में भी ऐसा ही एक ट्रेंड सामने आया था, जो किकी चैलेंज के नाम से पॉपुलर हुआ। इस टास्क में लोग अपनी कार को धीरे-धीरे चलाते हुए उससे बाहर आते थे और डांस करते थे। इस टास्क या सोशल मीडिया ट्रेंड को पूरा करने में कई लोग घायल हुए। इसकी शुरुआत एक वीडियो के बाद हुई थी, जिसे कमेडियन Shiggy ने पोस्ट किया था।

मोमो चैलेंज ने भी बटोरी सुर्खियां

मोमो चैलेंज भी 2018 में ही वायरल हुआ था। इसमें सामने आया था कि बच्चों को एक यूजर परेशान करता है, जिसका नाम मोमो था. इसमें भी लोगों को टास्क पूरा करने के लिए कहा जाता है, जिसमें खुद को नुकसान पहुंचाना भी शामिल था. हालांकि, इसकी वजह से किसी को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन उस वक्त सोशल मीडिया पर पुलिस ने लोगों को ऐसे चैंलेज में हिस्सा ना लेने के लिए कहा था।

कैसे करें इन जानलेवा गेम्स से बचाव?

अपने बच्चों के फोन और इंटरनेट की गतिविधि पर ध्यान रखें। बच्चों से लगातार बात करते रहे और उनकी मानसिक स्थिति पर नजर रखें। किस-किस से उनकी दोस्ती है, इस पर भी नज़र रखें। उन्हें सिखाएं कि किसी भी गेम में खुद को चोट पहुँचाने जैसी बातें गलत हैं। इसके अलावा उन्हें समझाएं कि ऑनलाइन अजनबियों से दोस्ती न करें। किसी भी अनजान लिंक या गेम को क्लिक न करें। अगर कोई गेम आपको डराए, परेशान करे या दबाव बनाए, तो तुरंत बाहर निकलें और जरूरत पड़ने पर साइबर पुलिस या हेल्पलाइन से संपर्क करें।

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