
दूषित पानी ही नहीं विजयवर्गीय का क्षेत्र अपराध में भी नंबर-1, इलाके में सबसे ज्यादा केस
Indore Crime: पिछले एक साल में इंदौर में 33,000 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। यह संख्या पिछले सालों की तुलना में करीब 5,000 ज्यादा है।
Indore Crime 2025: इंदौर की सड़कों पर न सिर्फ ट्रैफिक बढ़ा है, बल्कि अपराध के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। लसूड़िया, बाणगंगा और चंदननगर थानों के आंकड़े यह साफ बता रहे हैं कि अब अपराध किसी सीमा में नहीं रह गया। साल 2025 में दर्ज किए गए 33 हजार से ज्यादा मामले सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि शहर के लोगों की सुरक्षा और चिंता का आईना हैं। वहीं, कुछ थाने ऐसे भी हैं जो अपनी सुरक्षा के लिए मिसाल बन रहे हैं।
इंदौर शहर में साल 2025 के अपराध के आंकड़े सामने आए हैं, जिनमें कुछ बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। पहले जहां लसूड़िया थाना अपराध मामलों में दूसरे नंबर पर था। वहीं अब चंदननगर थाना उसे पीछे छोड़ते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। शहर में सबसे अधिक अपराध दर्ज करने वाला थाना बाणगंगा पहले की तरह नंबर वन बना हुआ है, जबकि लसूड़िया अब तीसरे स्थान पर खिसक गया है।
गंभीर अपराधों में भी बढ़ोतरी
पिछले एक साल में इंदौर में 33,000 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। यह संख्या पिछले सालों की तुलना में करीब 5,000 ज्यादा है, जो शहर में बढ़ते अपराध की चिंता को दिखाती है। हत्या, हत्या के प्रयास और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
आंकड़ों के अनुसार:-
बाणगंगा थाना: 1,749 मामले
चंदननगर थाना: 1,663 मामले
लसूड़िया थाना: 1,640 मामले
भंवरकुआं थाना: 1,370 मामले
इसके अलावा विजयनगर में 1,020 और खजराना में 1,041 मामले दर्ज हुए। कुल अपराधों में से करीब 30 प्रतिशत मामले केवल इन पांच-छह थानों में ही दर्ज हुए हैं।
अभी कागजों में नए थानों के प्रस्ताव
अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने पहले तीन नए थानों के गठन का प्रस्ताव भेजा था:-
1. सुपर कॉरिडोर थाना– बाणगंगा क्षेत्र से
2. महालक्ष्मीनगर थाना– लसूड़िया से
3. पालदा थाना– भंवरकुआं से
लेकिन यह योजना अब तक सिर्फ कागजों तक सीमित है। हाल ही में चंदननगर थाना अपराध में दूसरे नंबर पर आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने यहां भी नया थाना बनाने का प्रस्ताव तैयार करने की बात कही है।
दो टीआई का प्रयोग भी अभी तक बेअसर
अपराध पर नियंत्रण के लिए लसूड़िया और विजयनगर थानों में दो महिला टीआई को टू आईसी के रूप में नियुक्त किया गया, लेकिन इसके बावजूद अपराधों में कोई खास कमी नहीं आई है। अन्य थानों में भी यह प्रयोग लागू करने की तैयारी चल रही है।
सबसे सुरक्षित थाने
सराफा थाना: केवल 155 मामले
छत्रीपुरा, सदर बाजार, पंढरीनाथ– अपराध कम दर्ज हुए
इसके अलावा व्यापारिक क्षेत्रों वाले थानों जैसे एमजी रोड, कोतवाली और छोटी ग्वालटोली में भी अपेक्षाकृत कम अपराध दर्ज हुए।

