70 फीट नीचे दफन पत्रकार का राज: कत्ल के बाद लाश के पास क्यों गाया गाना?
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70 फीट नीचे दफन पत्रकार का राज: कत्ल के बाद लाश के पास क्यों गाया गाना?

कोरबा का वो खौफनाक सच: मधुर ने पहले बुझाई सलमा की सांसें, फिर सिगरेट जलाकर गुनगुनाया 'मासूम' का गीत; चश्मदीद की गवाही ने अदालत में पैदा कर दी सिहरन।


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Chhattisgarh Murder Files : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न्याय व्यवस्था और समाज को झकझोर कर रख दिया है। पत्रकार सलमा सुल्ताना की हत्या के पांच साल बाद अदालत में एक चश्मदीद ने जो गवाही दी, वह किसी रूह कंपा देने वाली किसी फ़िल्मी सीन जैसी है। बता दें कि इस मामले में मुख्य आरोपी मधुर साहू ने कथित तौर पर अपनी लिव-इन पार्टनर सलमा की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। घटना की चश्मदीद कोमल सिंह राजपूत ने कोर्ट में गवाही दी कि हत्या के ठीक बाद मधुर के चेहरे पर पछतावे का कोई निशान नहीं था। इसके बजाय, उसने सलमा की लाश के पास खड़े होकर बड़े ही इत्मीनान से सिगरेट जलाई। वह यहीं नहीं रुका, बल्कि उसने फिल्म 'मासूम' का प्रसिद्ध गाना "तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं" गुनगुनाना शुरू कर दिया। यह खुलासा अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गरिमा शर्मा की अदालत में हुआ है।



मधुर के जिम में कम्पुटर ऑपरेटर थी कोमल
मधुर साहू के जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर रही कोमल सिंह ने बताया कि वारदात के दिन वह सलमा के घर पर मौजूद थी। उसने अपनी आंखों से देखा कि कैसे एक मामूली बहस खूनी संघर्ष में बदल गई। कोमल के अनुसार, मधुर ने पहले सलमा का गला दबाने की कोशिश की। जब विवाद बढ़ा, तो उसने सलमा को बिस्तर पर पटक दिया और दोबारा गला घोंटा। इस दौरान दूसरे आरोपी कौशल श्रीवास्तव ने कथित तौर पर सलमा के मुंह पर तकिया रख दिया ताकि उसकी चीखें बाहर न जा सकें। जब कोमल ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसे भी जान से मारने की धमकी दी गई।

गवाह का दावा आरोपी ने फ़िल्मी विलन की तरह अंजाम दी थी वारदात
कोमल सिंह की गवाही पर गौर करें तो सलमा की मौत के बाद मधुर का व्यवहार बेहद डरावना था। उसने एक हाथ से लाश को पकड़ा और दूसरे से सिगरेट पीते हुए गाना गाया। इसके बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी से सबूत मिटाने की योजना बनाई। उन्होंने सलमा के फोन से उसके परिवार को मैसेज भेजा कि वह अपनी मर्जी से जा रही है। इसके बाद फोन बंद कर दिया गया ताकि लगे कि वह कहीं लापता हो गई है। चश्मदीद ने यह भी आरोप लगाया कि मधुर महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें रखकर उन्हें ब्लैकमेल करता था।

सलमा का शव पांच साल तक रहा दफ़न
यह राज पांच साल तक दफन रहा क्योंकि सलमा की लाश को भवानी डबरी के पास बन रही सड़क के नीचे गाड़ दिया गया था। पांच साल तक उस सड़क के ऊपर से गाड़ियां गुजरती रहीं। 2023 में पुलिस ने सैटेलाइट मैपिंग और ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) की मदद से सड़क की खुदाई की और कंकाल बरामद किया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि वह सलमा ही थी। सरकारी वकील सुनील सोनवानी के अनुसार, अब तक 41 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इस केस में कोमल की गवाही सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है।


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