पठानकोट: सीमा पर मिला हथियारों का जखीरा, रिंदा का नापाक प्लान फेल !
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पठानकोट: सीमा पर मिला हथियारों का जखीरा, रिंदा का 'नापाक प्लान' फेल !

नरोट जैमल सिंह बॉर्डर से 3 AK-47, तुर्की-चीन निर्मित पिस्टल और भारी गोला-बारूद बरामद; ISI के इशारे पर पंजाब को दहलाने की थी तैयारी।


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Arms And Ammunition Haul Recovered : गणतंत्र दिवस से पहले पंजाब में बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए पठानकोट पुलिस ने सीमावर्ती इलाके से हथियारों और गोला-बारूद का भारी जखीरा बरामद किया है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ एक साझा ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब नरोट जैमल सिंह के इलाके से इन हथियारों को जब्त किया। सुरक्षा बलों का मानना है कि यह खेप पाकिस्तान से पंजाब में शांति भंग करने और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से भेजी गई थी।


बरामदगी में क्या-क्या मिला?

पुलिस द्वारा चलाए गए इस गहन तलाशी अभियान में घातक हथियारों की बरामदगी हुई है, जिसमें शामिल हैं:

3 AK-47 राइफलें और 5 मैगजीन

2 विदेशी पिस्तौल (एक तुर्की निर्मित और एक चीन निर्मित)

2 पिस्तौल मैगजीन और 98 जिंदा कारतूस

रिंदा और ISI का 'हैंडल'

बॉर्डर रेंज के डीआईजी संदीप गोयल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरुआती इनपुट से संकेत मिलता है कि यह खेप पाकिस्तान में बैठे कुख्यात अपराधी से आतंकी बने हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा ने भेजी थी। रिंदा को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का पूरा समर्थन हासिल है और वह प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के लिए काम कर रहा है। पुलिस ने रिंदा के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

इलाके में 'हाई अलर्ट' और सर्च ऑपरेशन

हथियारों की इतनी बड़ी बरामदगी के बाद पूरे पठानकोट और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस की टीमें विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं ताकि उन 'स्लीपर सेल्स' या स्थानीय संपर्कों का पता लगाया जा सके, जिनके पास यह खेप पहुंचने वाली थी। अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने और भविष्य के किसी भी खतरे को रोकने के लिए मुस्तैद हैं।

कठुआ और आसपास के जंगलों में हालिया आतंकी गतिविधियों को देखते हुए पंजाब पुलिस और बीएसएफ (BSF) के बीच समन्वय और बढ़ा दिया गया है ताकि सीमा पार से होने वाली ऐसी घुसपैठ या तस्करी को तुरंत नाकाम किया जा सके।


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