
बाएं में आशीष और अंजू. दायीं ओर संजू ( अंजू का बॉय फ्रेंड )
राजस्थान में मेघालय जैसा खौफनाक कांड: पति की मौत का रूह कपाने वाला सच
राजस्थान में मेघालय जैसा 'हनीमून मर्डर', प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने पति को रास्ते से हटाया, हिट एंड रन की झूठी कहानी गढ़ी, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा।
Husband's Murder : राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक नवविवाहित दुल्हन ने अपने ही सुहाग को मौत के घाट उतार दिया। शुरुआत में यह मामला महज एक सड़क हादसा और लूट नजर आ रहा था। लेकिन पुलिस की सघन जांच ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया। इस घटना ने लोगों को मेघालय के चर्चित 'हनीमून मर्डर' की याद दिला दी है। पुलिस ने आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी और दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब इस मामले की हर तरफ चर्चा हो रही है।
सड़क हादसे का रचा गया था स्वांग
यह घटना 30 जनवरी की रात करीब 9 बजे की है। श्रीगंगानगर पुलिस को सूचना मिली कि सड़क पर एक दंपति बेहोश पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। वहां डॉक्टरों ने आशीष को मृत घोषित कर दिया। पत्नी अंजू ने पुलिस को बताया कि वे टहल रहे थे। तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। उसने यह भी दावा किया कि लुटेरे उसके गहने छीन ले गए। पुलिस ने शुरू में इसे हिट एंड रन माना।
पुलिस को ऐसे हुआ अंजू पर शक
जांच के दौरान पुलिस को अंजू की बातों पर संदेह हुआ। मौके की हकीकत और अंजू के बयानों में अंतर था। फोरेंसिक टीम (FSL) को भी घटनास्थल पर कुछ तकनीकी खामियां मिलीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया। आशीष के शरीर पर चोट के निशान काफी गहरे थे। रिपोर्ट के अनुसार, आशीष का गला भी घोंटा गया था। दूसरी ओर, अंजू के शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं थी। एक बड़े हादसे में पत्नी का सुरक्षित बचना संदिग्ध था।
फोन कॉल और पुराने प्रेमी का कनेक्शन
पुलिस ने जब अंजू की कॉल डिटेल खंगाली, तो सच सामने आया। अंजू लगातार संजू नाम के युवक के संपर्क में थी। संजू, अंजू के घर के पास ही रहता था। जांच में पता चला कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। शादी के तीन महीने बाद भी अंजू खुश नहीं थी। वह शादी के तुरंत बाद अपने मायके चली गई थी। वहीं उसने संजू के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। अंजू ने आशीष का भरोसा जीतने के लिए नाटक किया।
झाड़ियों में छिपे थे कातिल
साजिश के तहत अंजू रोज आशीष को टहलने ले जाने लगी। 30 जनवरी की रात वह उसे सुनसान सड़क पर ले गई। वहां संजू अपने दो साथियों रॉकी और बादल के साथ छिपा था। जैसे ही वे वहां पहुँचे, तीनों ने आशीष पर हमला कर दिया। उन्होंने बड़ी बेरहमी से आशीष की हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए उसे एक्सीडेंट का रूप दिया गया। अंजू ने अपने फोन और झुमके भी उन्हें दे दिए। ताकि पुलिस को लगे कि यह लूट का मामला है।
मेघालय के हत्याकांड से मिलती समानता
यह मामला मेघालय के सोनम रघुवंशी कांड जैसा ही है। सोनम ने भी अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर साजिश रची थी। उसने हनीमून के दौरान पति राजा की हत्या करवा दी थी। राजस्थान के इस मामले में भी पैटर्न बिल्कुल वैसा ही था। पुलिस की मुस्तैदी ने आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। चारों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इस खुलासे ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।
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