
रोहित शेट्टी फायरिंग: सिग्नल ऐप और 1600 नंबरों वाली गहरी साजिश बेनकाब
रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस ने 1,600 नंबरों की जांच की। शुभम लोनकर मॉड्यूल और ₹3 लाख की सुपारी का हुआ बड़ा खुलासा।
Rohit Shetty House Firing Case : फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास पर एक फरवरी को हुई फायरिंग की घटना ने बॉलीवुड में हड़कंप मचा दिया था। मुंबई क्राइम ब्रांच की तकनीकी जांच में अब इस मामले के तार कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 'शुभम लोनकर मॉड्यूल' से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने खुलासा किया है कि शूटर दीपक शर्मा को इस हमले के लिए ₹3 लाख की सुपारी दी गई थी। जांच को उलझाने के लिए साजिशकर्ताओं ने एनक्रिप्टेड 'सिग्नल ऐप' का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने करीब 1,600 मोबाइल नंबरों और टावर डेटा का विश्लेषण कर इस साजिश की परतें खोली हैं। अब तक इस मामले में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें मुख्य साजिशकर्ता गोलू पंडित और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाला अर्जु बिश्नोई भी शामिल है।
₹3 लाख की सुपारी और आगरा कनेक्शन
क्राइम ब्रांच के अनुसार, मुख्य शूटर दीपक शर्मा को उसके साथी गोलू पंडित (प्रदीप शर्मा) ने इस काम के लिए तैयार किया था। ये दोनों उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के बाह इलाके के रहने वाले हैं। दीपक का परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है, लेकिन पैसों के लालच में वह इस अपराध की दुनिया में खिंचा चला आया। पूछताछ में सामने आया है कि गोलू पंडित ने ही इस पूरे ऑपरेशन के लिए फंडिंग और शूटर का इंतजाम किया था।
हथियार को लेकर विरोधाभास
जांच में एक पेंच हथियार की सप्लाई को लेकर फंसा है। शूटर दीपक का दावा है कि गोलू पंडित ने उसे पिस्तौल मुहैया कराई थी, जबकि गोलू का कहना है कि दीपक ने खुद हथियार का इंतजाम किया था। पुलिस अब बैलिस्टिक एक्सपर्ट्स और फॉरेंसिक जांच के जरिए इस विरोधाभास को सुलझाने की कोशिश कर रही है। घटना के दिन पांच राउंड फायरिंग की गई थी, जिसमें से एक गोली शेट्टी के बिल्डिंग की पहली मंजिल पर स्थित जिम की खिड़की में लगी थी।
1,600 नंबर और तकनीकी सर्विलांस
इस केस को सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच ने आठ दिनों तक जमीनी स्तर पर काम किया। मोबाइल टावर डेटा की जांच के दौरान पुलिस को कई नए एक्टिवेट हुए संदिग्ध नंबर मिले। तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस गोलू पंडित की लोकेशन आगरा में ट्रेस करने में सफल रही, जिसके बाद उसने सरेंडर कर दिया। इस ऑपरेशन में उत्तर प्रदेश एसटीएफ (UP STF) ने भी मुंबई पुलिस की मदद की।
बिश्नोई गैंग का 'शुभम लोनकर' मॉड्यूल
पुलिस ने इस हमले के पीछे शुभम लोनकर मॉड्यूल का हाथ बताया है, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करता है। इस मामले में अर्जु बिश्नोई और शुभम लोनकर को 'वॉन्टेड' घोषित किया गया है। अर्जु बिश्नोई पर आरोप है कि उसने शूटरों को लॉजिस्टिक सपोर्ट और अन्य सुविधाएं प्रदान की थीं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि रोहित शेट्टी को निशाना बनाने के पीछे गैंग का असली मकसद फिरौती था या सिर्फ दहशत फैलाना।
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