
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में 'नरबलि' का सनसनीखेज मामला, 3 दोस्तों ने मिलकर की हत्या
पुलिस के हवाले से बताया गया है कि 13 जनवरी की रात ये लोग आरोपी सागर के कमरे में इकट्ठा हुए और शराब पी। इसके बाद आरोपियों ने गैस सिलेंडर से हमला कर नवीन की हत्या कर दी।
दिल्ली से सटे यूपी के गाजियाबाद में तांत्रिक क्रियाओं और नरबलि के नाम पर एक व्यक्ति की कथित हत्या के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यह मामला 16 जनवरी 2026 को सामने आया, जब मृतक के भाई ने ट्रॉनिका सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान लोनी के मिल्क विकास नगर निवासी नवीन उर्फ नंदू के रूप में हुई है। उसकी हत्या अज्ञात लोगों ने की और बाद में उसकी लाश को एक ऑटो में आग के हवाले कर दिया गया। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद शनिवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन (25), निवासी निशांत कॉलोनी, गाजियाबाद और सागर (24) उर्फ पंडित, निवासी निशांत कॉलोनी, गाजियाबाद के रूप में हुई है। तीसरा आरोपी नसीम उर्फ इकबाल फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिस को बताया कि नवीन उनका दोस्त था और वे उसे दिल्ली में एक तांत्रिक से मिलवाने ले गए थे। तांत्रिक ने कथित तौर पर कहा था कि नरबलि देने से धन और दैवी आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है। आरोप है कि नवीन ने तांत्रिक से पूछा था कि क्या इस “बलि” में किसी दोस्त को शामिल किया जा सकता है।
इन बातचीतों से प्रभावित होकर आरोपियों ने नवीन की हत्या की साजिश रच ली।
मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि 13 जनवरी की रात ये लोग आरोपी सागर के कमरे में इकट्ठा हुए और शराब पी। इसके बाद आरोपियों ने गैस सिलेंडर से हमला कर नवीन की हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए उन्होंने शव को कंबल में लपेटा, बैटरी से चलने वाले ऑटो में रखा और बाद में वाहन में आग लगा दी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया बैटरी वाला ई-रिक्शा और गैस सिलेंडर बरामद किया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है, जिन पर हत्या, लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।

