गिरधारी यादव विवाद: बेटे के चुनाव पर मीसा का बचाव, जेडीयू का वार
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गिरधारी यादव विवाद: बेटे के चुनाव पर मीसा का बचाव, जेडीयू का वार

जेडीयू सांसद गिरधारी यादव पर बेटे के RJD से चुनाव लड़ने और प्रचार करने के आरोप में सदस्यता रद्द करने की मांग, मामला गरमाया।


बिहार की राजनीति में जेडीयू सांसद गिरधारी यादव के बेटे के आरजेडी से चुनाव लड़ने के मुद्दे ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले को लेकर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और विभिन्न दलों के नेता अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर बेलहर सीट से चुनाव लड़ा था। इसको लेकर जनता दल (यूनाइटेड) ने कड़ा रुख अपनाते हुए लोकसभा स्पीकर से गिरधारी यादव की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे के लिए प्रचार किया और इस तरह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे।

इस पूरे विवाद पर आरजेडी सांसद मीसा भारती ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गिरधारी यादव के बेटे बालिग हैं और अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा, “अगर किसी का बेटा बड़ा हो गया है, तो उसे अपने फैसले लेने का अधिकार है। एक ही परिवार में अलग-अलग राजनीतिक विचार हो सकते हैं और चुनाव लड़ना उसका संवैधानिक अधिकार है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि कई ऐसे उदाहरण हैं जहां एनडीए के नेता भी आरजेडी के लिए प्रचार करते हैं।

वहीं, गिरधारी यादव ने खुद भी इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि उनका बेटा वयस्क है और स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने के लिए सक्षम है। उन्होंने कहा कि यदि लोकसभा अध्यक्ष उनसे इस बारे में कोई सवाल करते हैं, तो वह अपना पक्ष रखेंगे।

जेडीयू की ओर से दिलेश्वर कामैत ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान गिरधारी यादव ने अपने बेटे के समर्थन में प्रचार किया, जो पार्टी लाइन के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि इस आधार पर उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए।

इसी मुद्दे पर जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने भी कहा कि यह मामला पार्टी छोड़ने जैसा है, क्योंकि उनके बेटे ने उसी क्षेत्र से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ा जहां से गिरधारी यादव सांसद हैं, और उन्होंने उसका प्रचार भी किया।

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने भी इस मुद्दे पर कहा कि यह फैसला पार्टी ने नहीं, बल्कि गिरधारी यादव के आचरण के आधार पर स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के संसदीय नेता ने नियमों के तहत स्पीकर को आवेदन दिया है और अब अंतिम निर्णय स्पीकर ही करेंगे।

गौरतलब है कि चाणक्य प्रकाश ने बेलहर सीट से जेडीयू उम्मीदवार मनोज यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद यह मुद्दा अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है और आने वाले समय में इस पर स्पीकर का फैसला अहम होगा।

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