
पार्टी में कोई चुनौती नहीं, नीतीश कुमार को फिर मिली कमान
नीतीश कुमार को जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया। किसी अन्य उम्मीदवार के न आने से उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी की कमान सौंप दी गई।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नीतीश कुमार को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया है। निर्धारित समयसीमा तक उनके अलावा किसी अन्य नेता ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिसके चलते उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी की कमान सौंप दी गई।
नामांकन में नहीं मिला कोई चुनौतीकर्ता
पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम समयसीमा मंगलवार, 24 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे तक तय की गई थी। इस दौरान सिर्फ नीतीश कुमार का ही नामांकन वैध पाया गया। समयसीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारी के पास उनका ही नामांकन बचा, जिसके बाद उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया गया।
दोपहर में मिलेगा निर्वाचन प्रमाण पत्र
पार्टी ने जानकारी दी है कि आज दोपहर 2:30 बजे निर्वाचन अधिकारी और पूर्व राज्यसभा सांसद अनिल प्रसाद हेगड़े, नीतीश कुमार को उनके निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र सौंपेंगे। इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुआ चयन
इस प्रक्रिया के दौरान पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा में संसदीय दल के नेता संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। नीतीश कुमार के नामांकन के समय भी इन नेताओं ने उनका समर्थन किया था।
पहले भी संभाल चुके हैं पार्टी की कमान
गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने दिसंबर 2023 में जेडीयू की कमान संभाली थी, जब तत्कालीन अध्यक्ष ललन सिंह ने पद से इस्तीफा दिया था। उस समय पार्टी महागठबंधन का हिस्सा थी और नीतीश कुमार विपक्षी गठबंधन INDIA के गठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।हालांकि, कुछ ही समय बाद जेडीयू ने महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में वापसी कर ली थी।
हालिया राजनीतिक बदलावों के बीच अहम फैसला
हाल ही में नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और राज्यसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। अब उनके पार्टी अध्यक्ष बनने से जेडीयू के भीतर नेतृत्व और रणनीति दोनों में स्थिरता आने की उम्मीद है।
निशांत कुमार की एंट्री से बढ़ी चर्चा
इधर, नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद उनके बेटे निशांत कुमार ने भी राजनीति में कदम रख दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें बिहार का डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि, मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।नीतीश कुमार का एक बार फिर जेडीयू अध्यक्ष बनना पार्टी के भीतर उनके मजबूत पकड़ को दर्शाता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस नए नेतृत्व के साथ बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

