CBSE Board Exam 2026 : केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की सत्र 2025-26 की मुख्य बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार, 17 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इस साल भारत और विदेशों के 26 देशों में स्थित केंद्रों पर कुल 46 लाख से अधिक छात्र अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। बोर्ड ने सुचारू परीक्षा संचालन के लिए कड़े दिशा-निर्देश और लॉजिस्टिक्स योजना जारी की है। 10वीं के छात्रों के लिए इस बार 'दो प्रयासों' वाली नई व्यवस्था लागू की गई है। वहीं, 12वीं के छात्रों के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया में डिजिटल बदलाव किए गए हैं। परीक्षाओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों के मन में कई सवाल हैं, जिनका समाधान बोर्ड ने अपनी आधिकारिक एडवाइजरी में किया है। समय प्रबंधन से लेकर ड्रेस कोड तक, बोर्ड ने हर छोटी बारीकी पर निर्देश साझा किए हैं। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय की हड़बड़ी से बचने के लिए परीक्षा केंद्र की दूरी और शहर के ट्रैफिक को ध्यान में रखकर घर से निकलें।
रिपोर्टिंग टाइम और एंट्री के कड़े नियम
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाएं प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे शुरू होंगी। छात्रों को अनिवार्य रूप से सुबह 10 बजे तक अपने आवंटित परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। 10 बजे के बाद किसी भी स्थिति में केंद्र के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। दिल्ली जैसे महानगरों में 'एआई समिट' जैसे बड़े आयोजनों के कारण लगने वाले ट्रैफिक जाम को देखते हुए, छात्रों को यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी गई है।
ड्रेस कोड और जरूरी दस्तावेज
नियमित छात्रों (Regular Students) को अपनी स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर ही परीक्षा केंद्र पर आना होगा। प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए हल्के और आरामदायक कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। एडमिट कार्ड ले जाना सबसे अनिवार्य है। इसके साथ ही नियमित छात्रों को स्कूल आईडी और प्राइवेट छात्रों को आधार कार्ड या पासपोर्ट जैसा सरकारी पहचान पत्र साथ रखना होगा। सुरक्षा जांच के दौरान इन दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा।
क्या ले जाएं और क्या न ले जाएं?
परीक्षा हॉल में केवल पारदर्शी पाउच (Stationary Pouch) ले जाने की अनुमति है। इसमें नीले या शाही नीले रंग के पेन, पेंसिल, स्केल और इरेज़र रखे जा सकते हैं। छात्र केवल एनालॉग घड़ी पहन सकते हैं, स्मार्ट वॉच पूरी तरह प्रतिबंधित है। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर, वॉलेट, हैंडबैग और किसी भी प्रकार की चिट या नोट्स ले जाने पर सख्त पाबंदी है। पकड़े जाने पर छात्र के खिलाफ 'अनफेयर मीन्स' (UFM) के तहत कार्रवाई हो सकती है।
10वीं और 12वीं के लिए बड़े बदलाव
कक्षा 10वीं के लिए इस साल से दो बार परीक्षा देने का विकल्प शुरू किया गया है। 17 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षा अनिवार्य मुख्य परीक्षा है। यदि कोई छात्र अपने अंक सुधारना चाहता है, तो वह मई 2026 में दूसरे प्रयास में बैठ सकता है। दोनों परीक्षाओं में से जिस भी सत्र में बेहतर अंक आएंगे, उसे ही अंतिम परिणाम माना जाएगा। इसके अलावा, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में सेक्शन-वार उत्तर लिखने के नियम कड़े कर दिए गए हैं। गलत सेक्शन में लिखा गया उत्तर मान्य नहीं होगा।
डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली (OSM)
कक्षा 12वीं के लिए बोर्ड ने 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) की वापसी की है। इसमें उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर कंप्यूटर पर डिजिटल रूप से चेक किया जाएगा। इससे योग (Totaling) की गलतियां खत्म होंगी और परिणाम जल्दी आएंगे। इस बदलाव के कारण अब 12वीं के छात्र परिणाम के बाद फिजिकल री-टोटलिंग की मांग नहीं कर पाएंगे। कक्षा 10वीं की कॉपियां पहले की तरह मैन्युअल ही चेक की जाएंगी।
काउंसलिंग और हेल्पलाइन नंबर
तनाव प्रबंधन के लिए सीबीएसई ने 24x7 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-8002 जारी किया है। इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा के डर को दूर करने के लिए 'साइको-सोशल काउंसलिंग' हेतु 1800-11-8004 पर संपर्क किया जा सकता है। छात्र किसी भी तकनीकी समस्या या केंद्र से जुड़ी शिकायत के लिए info@cbse.gov.in पर ईमेल भी कर सकते हैं।