
एआर रहमान की सफाई: 'सांप्रदायिक' बयान पर बोले- इरादे गलत समझे गए
संगीतकार एआर रहमान ने बॉलीवुड को सांप्रदायिक बताने वाले बयान पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी को दुख पहुँचाना नहीं था और भारत उनका घर है।
AR Rahman's Clarification : अपने हालिया 'सांप्रदायिक' (Communal) वाले बयान को लेकर चौतरफा आलोचना झेल रहे ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने अब इस पर अपनी सफाई पेश की है। रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए रहमान ने कहा कि उनकी बातों का गलत मतलब निकाला गया और उनका इरादा कभी भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना या विवाद खड़ा करना नहीं था।
'इरादों को समझने में हो सकती है भूल'
रहमान ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में बहुत ही संयमित और भावुक लहजे में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "संगीत हमेशा से मेरा संस्कृति को जोड़ने, उसका सम्मान करने और उसे मनाने का जरिया रहा है। भारत मेरी प्रेरणा है, मेरा गुरु है और मेरा घर है। मैं समझता हूँ कि कभी-कभी इरादों को गलत समझा जा सकता है, लेकिन मेरा उद्देश्य हमेशा संगीत के माध्यम से सेवा करना रहा है। मैंने कभी किसी को दुख पहुँचाने की इच्छा नहीं की और मुझे उम्मीद है कि मेरी ईमानदारी को महसूस किया जाएगा।"
क्या था पूरा विवाद?
विवाद तब शुरू हुआ था जब एआर रहमान ने एक इंटरव्यू में बॉलीवुड के बदलते पावर स्ट्रक्चर पर बात करते हुए कहा था कि पिछले आठ सालों में इंडस्ट्री में ऐसे लोग आ गए हैं जो रचनात्मक (non-creative) नहीं हैं। उन्होंने संकेत दिया था कि शायद यही कारण है कि उन्हें अब हिंदी फिल्मों में कम काम मिल रहा है और इसके पीछे एक 'सांप्रदायिक' कारण भी हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा था कि यह उनके सामने प्रत्यक्ष रूप से नहीं आता, बल्कि 'चाइनीज व्हिस्पर' (कानों-कान आने वाली खबरें) के जरिए उन तक पहुँचता है।
इंडस्ट्री से मिली थी तीखी प्रतिक्रिया
रहमान के इस बयान के बाद फिल्म इंडस्ट्री दो गुटों में बंट गई थी। अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने उन्हें 'नफरत भरा' और 'पूर्वाग्रही' बताया था, वहीं शोभा डे ने उनके बयान को 'खतरनाक' करार दिया था। गीतकार जावेद अख्तर और गायक शान ने भी बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव की बात को सिरे से खारिज कर दिया था।
देशभक्ति के स्वर के साथ खत्म किया वीडियो
विवाद को शांत करने की कोशिश में रहमान ने अपने वीडियो का अंत अपने मशहूर गीत 'वंदे मातरम' की धुनों और नारों के साथ किया। उन्होंने भारत की बहु-सांस्कृतिक पहचान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सराहना करते हुए कहा कि वह एक भारतीय होने पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने अपने हालिया प्रोजेक्ट्स जैसे 'रामायण' और 'वेव्स समिट' का भी जिक्र किया, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की कि वे देश की सांस्कृतिक एकता के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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