
आशा भोसले: सुरों की मल्लिका से ग्लोबल बिजनेस साम्राज्य तक का सफर
संगीत की अपार सफलता के बाद बिजनेस की दुनिया में भी आशा ताई ने गाड़े झंडे, टॉम क्रूज जैसे हॉलीवुड दिग्गज भी हुए उनके स्वाद के मुरीद। आशा'स नाम से है अलग अलग देशों में रेस्तरां चेन।
Asha Bhosle's Demise : अक्सर कहा जाता है कि संगीत और भोजन दोनों ही आत्मा को तृप्त करते हैं। आशा भोसले ने इस बात को सच कर दिखाया है। जहां एक ओर उन्होंने 20 भाषाओँ में 12 हजार से ज्यादा गानों के जरिए रिकॉर्ड बनाया, वहीं दूसरी ओर अपने रेस्तरां चेन 'Asha's' के जरिए दुनिया भर के खान-पान के शौकीनों के बीच एक खास मुकाम हासिल किया। साल 2002 में दुबई के वाफी सिटी (Wafi City) से शुरू हुआ यह सफर आज लंदन, बर्मिंघम, मैनचेस्टर, कुवैत और अबू धाबी जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों तक फैल चुका है।
किचन की कमान और खुद की सीक्रेट रेसिपी
सेलिब्रिटी रेस्तरां के दौर में 'Asha's' की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह केवल आशा जी के नाम पर नहीं चलता, बल्कि इसमें उनके हाथ का स्वाद शामिल है। आमतौर पर हस्तियां केवल अपना नाम ब्रांड को देती हैं, लेकिन आशा ताई ने खुद अपने किचन के लिए मसालों का मिश्रण तैयार किया है।
रेस्तरां की वेबसाइट और फूड क्रिटिक्स के अनुसार, यहां मिलने वाली 'दाल मखनी' और 'मुर्ग केसरिया' जैसी डिशेज की रेसिपी खुद आशा जी ने तैयार की है। वे मानती हैं कि गाना और खाना दोनों ही 'साधना' हैं। यही कारण है कि उनके रेस्तरां में परोसा जाने वाला हर व्यंजन एक खास भारतीय अनुभव प्रदान करता है।
रेवेन्यू मॉडल: प्रीमियम डाइनिंग और मास्टर फ्रेंचाइजी
Asha's की वित्तीय सफलता के पीछे एक सोची-समझी व्यावसायिक रणनीति है। इस ब्रांड का बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से दो स्तंभों पर टिका है:
प्रीमियम डाइनिंग एक्सपीरियंस: 'Asha's' केवल भोजन नहीं, बल्कि एक 'लक्जरी अनुभव' बेचता है। हाई-प्रोफाइल शहरों के प्राइम लोकेशंस पर स्थित होने के कारण, इनका औसत बिल वैल्यू (ATV) अन्य भारतीय रेस्तरां की तुलना में काफी अधिक होता है। यह हाई-एंड रेवेन्यू स्ट्रीम सुनिश्चित करता है।
मास्टर फ्रेंचाइजी और रॉयल्टी: विस्तार के लिए आशा जी ने बड़े निवेश के जोखिम को कम करने के लिए 'मास्टर फ्रैंचाइज़ी' मॉडल अपनाया है। दुबई के वाफी ग्रुप (Wafi Group) जैसी बड़ी कंपनियों के साथ उनकी साझेदारी है। इस मॉडल में आशा जी का नाम और रेसिपी उपयोग की जाती है, जिसके बदले में उन्हें मोटी 'रॉयल्टी फीस' और 'प्रॉफिट शेयरिंग' मिलती है।
प्रॉफिट मार्जिन और मार्केट पोजीशनिंग
इंटरनेशनल फाइन डाइनिंग सेक्टर में नेट प्रॉफिट मार्जिन आमतौर पर 15% से 25% के बीच रहता है। 'Asha's' अपनी मजबूत ब्रांड वैल्यू के कारण प्रीमियम चार्ज करता है, जिससे उसका मार्जिन हमेशा सुरक्षित रहता है। मिडिल ईस्ट और यूके के मार्केट में, जहां भारतीय प्रवासियों और स्थानीय लोगों के बीच देसी खाने की भारी मांग है, वहां 'Asha's' ने खुद को 'टॉप-टियर' सेगमेंट में स्थापित किया है।
टॉम क्रूज भी हुए मुरीद
रेस्तरां की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2021 में हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज अपनी फिल्म 'मिशन इम्पॉसिबल 7' की शूटिंग के दौरान बर्मिंघम स्थित 'Asha's' पहुंचे थे। उन्हें वहां का 'चिकन टिक्का मसाला' इतना पसंद आया कि उन्होंने एक के बाद एक दो पोर्शन ऑर्डर किए। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरीं और ब्रांड की वैश्विक विजिबिलिटी को और मजबूत किया।
38 से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार
आशा जी ने अपने बिजनेस को केवल रेस्तरां तक सीमित नहीं रखा है। उन्होंने रेडी-टू-ईट सेगमेंट और अपने विशेष मसालों के ब्रांड एक्सटेंशन पर भी काम किया है। यह न केवल रेवेन्यू के नए स्रोत खोलता है, बल्कि मुख्य बिजनेस की मार्केटिंग में भी मदद करता है।
उनके इस रेस्तरां चेन को 38 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों और प्रतिष्ठित 'मिशलिन गाइड' में जगह मिली है। इसने ये भी साबित किया है कि अगर विजन स्पष्ट हो, तो सिर्फ सुरों की ही नहीं बल्कि बिजनेस की दुनिया की भी 'मल्लिका' बना जा सकता है। आशा ताई का यह सफर उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपनी कला को एक सफल वैश्विक ब्रांड में बदलना चाहते हैं।
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