
निवेश फ्रॉड केस में फंसे गोविंदा, चंकी पांडे, शक्ति कपूर और मनोज तिवारी, FIR दर्ज होने से मचा हड़कंप
निवेश फ्रॉड मामले में गोविंदा, चंकी पांडे, शक्ति कपूर और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी का नाम सामने आया है.
बॉलीवुड इंडस्ट्री और राजनीति जगत से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है. मशहूर अभिनेता गोविंदा, चंकी पांडे, शक्ति कपूर और बीजेपी सांसद और भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी का नाम एक कथित निवेश धोखाधड़ी मामले में सामने आया है. इस खबर के सामने आते ही एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और आम लोगों के बीच हलचल मच गई है. ये पूरा मामला गाजियाबाद की एक कंपनी Maxizone Touch Private Limited से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. इस कंपनी पर आरोप है कि उसने निवेशकों से करोड़ों रुपये इकट्ठा किए और उन्हें वादा किया गया रिटर्न नहीं दिया.
निवेशकों की शिकायत के बाद दर्ज हुई FIR
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झारखंड के जमशेदपुर में कई निवेशकों ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी. इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है. निवेशकों का कहना है कि कंपनी ने उन्हें हर महीने 15 प्रतिशत तक रिटर्न देने का लालच दिया था. निवेशकों ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए कुछ लोगों को पैसे भी दिए, लेकिन बाद में न तो उन्हें ब्याज मिला और न ही उनकी असली निवेश की गई रकम वापस की गई. इससे निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ.
सेलिब्रिटीज पर प्रमोशन का आरोप
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि FIR में गोविंदा, चंकी पांडे, शक्ति कपूर और मनोज तिवारी जैसे बड़े और जाने-माने नाम शामिल हैं. शिकायत में कहा गया है कि इन सितारों ने कंपनी के प्रमोशनल इवेंट्स और कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था. निवेशकों का आरोप है कि इन बड़े चेहरों की मौजूदगी की वजह से उन्हें कंपनी पर भरोसा हुआ और उन्होंने इसमें पैसे लगाए. लोगों का कहना है कि जब उन्हें टीवी और सोशल मीडिया पर मशहूर कलाकार कंपनी के साथ जुड़े दिखे, तो उन्हें लगा कि कंपनी भरोसेमंद होगी.
कंपनी के डायरेक्टर्स पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
इस केस में Maxizone Touch Pvt Ltd के डायरेक्टर्स चंदर भूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. सितंबर 2025 में जमशेदपुर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया था. पुलिस का आरोप है कि दोनों मिलकर एक फर्जी MLM (मल्टी लेवल मार्केटिंग) स्कीम चला रहे थे. इस स्कीम के जरिए उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों से पैसा इकट्ठा किया और उसे अलग-अलग जगहों पर घुमा दिया.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच शुरू कर दी है. ED ने कंपनी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. जांच एजेंसियों को शक है कि ये मामला सिर्फ निवेश धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा फ्रॉड भी शामिल हो सकता है. ED और पुलिस दोनों मिलकर अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं, ताकि ये पता लगाया जा सके कि कुल कितने लोगों से पैसा लिया गया और वह पैसा कहां-कहां लगाया गया.
करीब तीन साल तक फरार रहे आरोपी
अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी के डायरेक्टर्स चंदर भूषण सिंह और प्रियंका सिंह करीब तीन साल तक फरार रहे थे. लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहने के बाद आखिरकार उन्हें गिरफ्तार किया गया. जांच एजेंसियों का कहना है कि इन तीन सालों के दौरान कंपनी के जरिए कई लोगों से बड़ी रकम वसूली गई.
सितारों की ओर से अब तक कोई बयान नहीं
अब तक गोविंदा, चंकी पांडे, शक्ति कपूर और मनोज तिवारी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. फिलहाल ये साफ नहीं है कि इन सितारों की भूमिका सिर्फ प्रमोशन तक सीमित थी या वे किसी और तरह से इस मामले से जुड़े हुए थे. पुलिस और जांच एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि इन सेलेब्रिटीज की कानूनी जिम्मेदारी कितनी बनती है और क्या उन्हें इस मामले में आगे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा.
सितारों का करियर और पहचान
गोविंदा बॉलीवुड के सुपरस्टार रहे हैं और उन्होंने राजा बाबू, कूली नंबर 1, पार्टनर, भागम भाग, बड़े मियां छोटे मियां और दुल्हे राजा जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया है. चंकी पांडे इन दिनों फिल्म राहु केतु में नजर आ रहे हैं. शक्ति कपूर विलेन और कॉमेडी दोनों तरह के रोल के लिए मशहूर हैं. उन्होंने अंदाज़ अपना अपना, हंगामा और चुप चुप के जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई हैं. मनोज तिवारी भोजपुरी इंडस्ट्री के बड़े स्टार होने के साथ-साथ दिल्ली से सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी हैं.
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में आगे क्या सामने आता है. क्या सेलेब्रिटीज से पूछताछ होगी? क्या निवेशकों को उनका पैसा वापस मिलेगा? और क्या इस केस में और बड़े नाम सामने आएंगे? आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.

