
सुप्ररीम कोर्ट ने रणवीर इलाहबदिया को फिर से शो करने की दी सशर्त इजाजत
सुप्रीम कोर्ट ने नैतिकता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. इसके साथ ही केंद्र सरकार को इस पहलु पर गौर करने के निर्देश दिए हैं.
Ranveer Allahabadia Controversy : सुप्रीम कोर्ट ने नैतिकता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए केंद्र सरकार से कहा है कि डिजिटल सामग्री के लिए दिशानिर्देश तैयार करने से पहले इस पहलू पर ध्यान दिया जाए। यह टिप्पणी यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया की आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मचे विवाद के बीच आई है।
31 वर्षीय कंटेंट क्रिएटर, जिसे पहले किसी भी शो की शूटिंग से रोक दिया गया था, को अब The Ranveer Show फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी गई है। हालांकि, अदालत ने शर्त रखी है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए एक शपथ पत्र देगा कि उसकी सामग्री नैतिक मानकों का पालन करेगी, जिससे इसे सभी आयु वर्ग के दर्शक देख सकें।
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कुछ लोग रणवीर के केस में अभिव्यक्ति की आज़ादी का हवाला देखकर आर्टिकल लिख रहे है। हम जानते है कि हर मूल अधिकार के साथ ड्यूटी ( कर्तव्य ) भी जुड़ी होती है। मूल अधिकार असीमित नहीं होता। उसके साथ भी प्रतिबंध लागू होते है।
हम उम्मीद करते है कि रणवीर को अपनी हरकत पर पछतावा हो। अपने चैनल पर वो कोई ऐसी भाषा का इस्तेमाल न करे जो नैतिकता के सामाजिक मापदंडों का उल्लंघन करता हो। हम समझ्ते है कि ये उसके साथ काम करने वाले 280 लोगों की आजीविका का मसला है। कोर्ट ने कहा कि जहाँ तक विदेश जाने की इजाजत देने का सवाल है, जांच में शामिल होने के बाद भी इस मांग पर विचार हो सकता है। इसके साथ ही अदालत ने रणवीर को मुंबई और गुवाहटी में पुलिस के समक्ष जांच में शामिल होने के लिए भी कहा।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
BeerBiceps Guy के नाम से मशहूर रणवीर अल्लाहबादिया ने पिछले महीने कॉमेडी रोस्ट शो India's Got Latent में समय रैना द्वारा होस्ट किए गए एपिसोड में एक आपत्तिजनक टिप्पणी की। शो के दौरान, उन्होंने एक प्रतियोगी से पूछा:
"क्या आप जीवन भर हर दिन अपने माता-पिता को संबंध बनाते हुए देखना चाहेंगे या फिर एक बार खुद इसमें शामिल होकर इसे हमेशा के लिए रोकना चाहेंगे?"
इस टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद, सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिला। यूजर्स ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती अश्लीलता को कॉमेडी के रूप में पेश करने की आलोचना की। इस मामले में रणवीर अल्लाहबादिया, समय रैना और शो से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ कई पुलिस शिकायतें भी दर्ज कराई गईं।
माफी और प्रतिक्रिया
विवाद बढ़ने के बाद, रणवीर अल्लाहबादिया ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, यह स्वीकार करते हुए कि उनकी टिप्पणी अनुचित थी और मजाकिया भी नहीं थी। उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर लिखा:
"मुझे India’s Got Latent पर ऐसा नहीं कहना चाहिए था। मैं माफी चाहता हूं।"
एक वीडियो संदेश में रणवीर ने अपनी गलती मानी और कहा:
"मेरी टिप्पणी न सिर्फ अनुचित थी, बल्कि यह हास्यप्रद भी नहीं थी। कॉमेडी मेरा क्षेत्र नहीं है। मैं कोई सफाई देने या तर्क प्रस्तुत करने नहीं आया हूं, बस माफी मांगने आया हूं।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने मंच का इस तरह से उपयोग नहीं करना चाहते।
"यह मेरी गलती थी, मेरे निर्णय में चूक हुई। यह मेरी ओर से सही नहीं था, और मैं इसे दोहराना नहीं चाहता।"
इस विवाद ने डिजिटल सामग्री के नियमन को लेकर बहस को और तेज कर दिया है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी यह संकेत देती है कि ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर सख्त निगरानी की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।
बढ़ सकती हैं समय रैना की मुश्किलें
समय रैना को लेकर जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एक आरोपी कनाडा जाकर अदालती कार्यवाही का मज़ाक बना रहा है। ये नई जनरेशन के लड़के ओवर स्मार्ट बनते है! उसे नहीं पता कि कोर्ट के पास कितनी शक्तियां हैं! वो जिम्मेदार से पेश आए अन्यथा हम जानते हैं कि ऐसे लोगों से कैसे डील करना है!