
राहुल गाँधी के शेयर बाज़ार वाले आरोपों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
याचिकाकर्ता विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि वो केन्द्र और एसईबीआई(सेबी) से इसको लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दें
Stock Exchange so called scam update: लोकसभा चुनाव के नतीज़े आने के बाद शेयर बाज़ार में हुई गिरावट और निवेशकों को हुए भारी नुकसान की जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गयी है.
वकील विशाल तिवारी ने कोर्ट से मांग की है कि वो केन्द्र और एसईबीआई(सेबी) से इसको लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दें.
याचिकाकर्ता का कहना है कि लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल आने के बाद शेयर मार्केट का ग्राफ काफी ऊपर गया और जैसे ही चुनाव परिणाम की घोषणा हुई, शेयर बाजार धड़ाम से लुढक गया. इसके चलते निवेशकों को करीब 20 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है. याचिकाकर्ता के मुताबिक इस घटना ने एक बार फिर शेयर बाज़ार के नियामक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए है. ऐसा लगता है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट 2023 में आने के बाद बाज़ार में हुई उथलपुथल से अब तक कोई सबक नहीं लिया गया है और नियामक तंत्र अभी भी मज़बूत नहीं है. हिंडनबर्ग मामले में में सुप्रीम कोर्ट ने अपनी ओर से निवेशकों के हितो को सुनिश्चित करने के लिए निर्दश जारी किये थे, पर उन सबके बावजूद कुछ बदला नहीं है। ऐसे में कोर्ट के दखल की ज़रूरत है। कोर्ट केन्द्र और सेबी को इस बारे में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दे.
इससे पहले विशाल तिवारी ने 2023 में भी अडानी पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. सुप्रीम कोर्ट ने तब सुनवाई करते हुए एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया था, जो मौजूदा नियामक तंत्र को मज़बूत बनाने के लिए अपने सुझाव दे सके, ताकि भविष्य में निवेशकों के हितों की सुरक्षा की जा सके. इसके अलावा कोर्ट ने सेबी को शेयर बाज़ार में हुई उथलपुथल की जांच करने को कहा था.
विशाल तिवारी ने इस याचिका में मांग की है कि अडानी हिन्डनबर्ग की जाँच के निष्कर्ष को लेकर सेबी की फाइनल रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, क्योंकि आम जनता को भी ये जानने का हक है कि उस जांच का क्या निष्कर्ष निकला?इसके साथ ही कोर्ट केन्द्र और सेबी को निर्देश दे कि वो भी रिपोर्ट दाखिल कर बताए कि एक्सपर्ट कमेटी की ओर से दिए सुझावों पर उन्होंने कैसे अमल किया है.