LIVE Parliament Live: अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद बोले ओम बिरला, नियमों से ऊपर कोई नहीं, चाहें फिर PM हों या...
x

Parliament Live: अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद बोले ओम बिरला, 'नियमों से ऊपर कोई नहीं, चाहें फिर PM हों या...

Breaking News: बजट सत्र के दूसरे हिस्से में संसद के दोनों सदनों में क्या कुछ चल रहा है उसके बारे में जानकारी देंगे। बने रहिए द फेडरल देश के साथ।


Breaking News: बजट सत्र के दूसरे हिस्से में संसद के दोनों सदनों में क्या कुछ चल रहा है उसके बारे में जानकारी देंगे। बने रहिए द फेडरल देश के साथ।

Live Updates

  • 12 March 2026 1:35 PM IST

    नेता प्रतिपक्ष नियम से ऊपर नहीं

    ओम बिरला ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि संसदीय लोकतंत्र में नियमों का पालन हर किसी को करना होगा। उन्होंने कहा, "कुछ सदस्यों का मानना था कि नेता प्रतिपक्ष सदन से ऊपर हैं और वे किसी भी विषय पर कभी भी बोल सकते हैं। लेकिन मैं स्पष्ट कर दूँ कि चाहे प्रधानमंत्री हों, मंत्री हों या नेता प्रतिपक्ष, नियमों के अनुसार ही बोलने का अधिकार है। ये नियम मैंने नहीं बनाए, बल्कि इस सदन ने ही बनाए हैं जो मुझे विरासत में मिले हैं।"

  • 12 March 2026 1:30 PM IST

    अविश्वास प्रस्ताव के बाद सदन में बोले ओम बिरला

    लोकसभा में पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी घमासान के बीच एक अहम अध्याय का अंत हुआ। स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव दो दिनों की गहमागहमी भरी चर्चा के बाद संसद में ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। इस अग्निपरीक्षा से गुजरने के बाद आज ओम बिरला ने पहली बार सदन को संबोधित किया। उनका यह भाषण न केवल भावुक था, बल्कि उन सभी आरोपों का कड़ा जवाब भी था जो उनकी निष्पक्षता पर उठाए गए थे।


    संबोधन की शुरुआत में ओम बिरला ने अपनी नैतिक मर्यादा का परिचय दिया। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि जैसे ही उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया था, उन्होंने खुद को स्पीकर की कुर्सी और सदन की कार्यवाही के संचालन से पूरी तरह अलग कर लिया था। उन्होंने कहा, "मैंने अपने नैतिक कर्तव्य का पालन किया ताकि चर्चा निष्पक्ष हो सके।" यह कदम संसदीय लोकतंत्र में उनके अटूट विश्वास को दर्शाता है।

  • 12 March 2026 11:26 AM IST

    राज्यसभा में, LoP मल्लिकार्जुन खड़गे ने जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ फारूक अब्दुल्ला पर कल रात हुए नाकाम हमले के लिए केंद्र, खासकर होम मिनिस्टर अमित शाह की आलोचना की। खड़गे का कहना है कि हमला ढीली सिक्योरिटी की वजह से हुआ और कहा कि राज्य में सिक्योरिटी अब केंद्र और होम मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी है क्योंकि J&K का राज्य का दर्जा छीन लिया गया था। खड़गे ने होम मिनिस्ट्री से पूछा कि अब्दुल्ला के फंक्शन में सिक्योरिटी के पूरे इंतज़ाम क्यों नहीं किए गए और कहा, "क्या सरकार का प्लान फारूक अब्दुल्ला को मरवाना है?सदन के लीडर जेपी नड्डा ने खड़गे के बयानों की निंदा करते हुए कहा कि वे पॉलिटिक्स से मोटिवेटेड हैं।

Read More
Next Story