
"मोहब्बत हम से,शादी मोदी साहब से", देवगौड़ा की राज्यसभा से विदाई पर खरगे की चुटकी, लगे ठहाके
राज्यसभा में विदाई भाषण के दौरान खड़गे की चुटीली टिप्पणी ने माहौल हल्का कर दिया। ये उस वक्त का वाकया है जब पीएम मोदी विदाई ले रहे सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे अपने तीखे हमलों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष के लिए जाने जाते हैं। लेकिन बुधवार को राज्यसभा में विदा ले रहे सांसदों ने उनके एक अलग ही अंदाज़ को देखा। ऐसा अंदाज़ जिसने गंभीर छवि वाले नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया।
अपने विदाई भाषण के दौरान खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा और एनसीपी के संस्थापक शरद पवार का जिक्र किया, जिनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने वाला है। हालांकि, पवार के फिर से राज्यसभा में लौटने की संभावना है।
एक पंक्ति जिसने बदल दिया माहौल
अपने भाषण में खड़गे ने कहा कि देवगौड़ा ने कई भूमिकाओं में प्रधानमंत्री के रूप में सेवा दी है। यहां तक तो यह एक सामान्य संसदीय भाषण था, लेकिन इसके बाद उन्होंने ऐसा मजाक किया जिसने माहौल बदल दिया।
2019 में कर्नाटक में कांग्रेस-जेडी(एस) गठबंधन सरकार गिरने के बाद जेडी(एस) और BJP के बीच हुए गठबंधन का जिक्र करते हुए खड़गे ने मजाक में कहा कि जेडी(एस) नेता ने पहले कांग्रेस को रिझाया, लेकिन आखिरकार प्रधानमंत्री मोदी के साथ “शादी” कर ली। इस पर विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ही हंस पड़े, और पीएम मोदी भी हंसते नजर आए।
केंद्रीय मंत्री और RPI (A) प्रमुख रामदास अठावले पर चुटकी लेते हुए खड़गे ने कहा,“वो हमेशा अपनी कविताओं में मोदीजी की तारीफ करते हैं। उन्हें कोई और कविता आती ही नहीं।”
पीएम ने अपने संबोधन में क्या कहा
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा के कार्यकाल पूरा कर रहे सदस्यों को विदाई देते हुए एक विचारपूर्ण भाषण दिया। उन्होंने उनके संसदीय योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन का कोई निश्चित अंत नहीं होता।
उन्होंने कहा,“राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता। भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपका अनुभव और योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।”
इसके बाद उन्होंने नए सदस्यों की ओर रुख करते हुए एच. डी. देवगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार जैसे नेताओं के लंबे राजनीतिक जीवन का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा,“एच. डी. देवगौड़ा जी, मल्लिकार्जुन खड़गे जी और शरद पवार जी वरिष्ठ नेता हैं, जिन्होंने अपने जीवन का आधे से ज्यादा समय संसदीय कार्य में बिताया है। नए सांसदों को उनसे सीखना चाहिए।”
हास्य अभी भी ज़िंदा है
इसके बाद पीएम मोदी ने हल्के अंदाज में कहा कि पहले सदन में हास्य और व्यंग्य के लिए काफी जगह होती थी, जो अब धीरे-धीरे कम हो रही है। लेकिन उन्होंने रामदास अठावले का जिक्र करते हुए कहा, “हमारे अठावले जी तो हमेशा ही ऐसे ही रहते हैं।”
इस टिप्पणी पर भी सदन में मुस्कान देखने को मिली। अठावले खुद भी राज्यसभा में एक और कार्यकाल के लिए लौटने वाले हैं।
यह सत्र राज्यसभा में खाली हुई सीटों के बीच हो रहा है। इस साल 37 सीटें खाली हुई थीं, जिनमें से 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जबकि बाकी सीटों का फैसला इस सप्ताह की शुरुआत में मतदान के जरिए किया गया।

